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पर्यटकों की नजर से दूर हैं ताल-बुग्याल

Sat, 02 Apr 2016 08:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 02 Apr 2016 08:53 PM IST
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Are far from the eyes of tourists rhythm-Bugyal
vashkital - फोटो : amarujala
समय-समय पर प्राकृतिक आपदाओं का दंश झेल रहे रुद्रप्रयाग जनपद को प्रकृति ने अपनी नेमतें भी खूब बख्शी हैं। एक तरफ जहां बुग्याल हैं, वहीं प्राकृतिक तालों (झील) की सुंदरता देखते ही बनती हैं। बावजूद इसके ये रमणीक स्थल आज भी पर्यटकों की नजरों से ओझल हैं।
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बारामास पानी से भरे इन तालों का विशेष धार्मिक महत्व भी है। स्थानीय स्तर पर ग्रामीण यहां प्रतिवर्ष मेले आयोजित करते हैं। लेकिन शासन स्तर पर इन नेमतों को पर्यटन से जोड़ने के प्रयास नहीं हो पाए हैं। करोखी के क्षेत्र पंचायत सदस्य नंदन सिंह रावत कहते हैं कि देवरियाताल में ग्रामीणों की मदद से प्रतिवर्ष मेला होता है। वह कहते हैं कि अगर इन रमणीक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाए तो विकास के साथ युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। उनका कहना है कि जिले में मौजूद तालों के बीच धार्मिक कथाएं भी मौजूद हैं।
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देवरियाताल :
ऊखीमठ ब्लाक के सारी गांव से करीब 3.5 किमी की चढ़ाई तय कर देवरियाताल पहुंचा जाता है। समुद्रतल से करीब 2440 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह प्राकृतिक ताल छह सौ वर्ग मीटर में फैला हुआ है। ताल की गहराई काफी अधिक है। मान्यता है कि इस ताल का निर्माण शेषनाग ने किया था।  दत्यराज बणासुर की कन्या ऊषा यहां स्नान के लिए आती थी। यहां से हिमालय की चौखंभा पवर्त श्रृंखलाओं के साक्षात दर्शन होते हैं। देवरियाताल से सूर्योदय का दृश्य देखने लायक होता है। वर्ष 1847 में गढ़वाल के सहायक आयुक्त वेटन भी देवरियाताल पहुंचे थे, उन्होंने यहां के प्राकृतिक सौंदर्य की खूब प्रशंसा की थी।
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बधाणीताल :
जखोली ब्लाक में धारकुडी गांव से करीब चार किमी की दूरी पर बधाणी गांव के बीच में बधाणीताल स्थित है। समुद्रतल से करीब 7 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस प्राकृतिक ताल में रंगीन मछलियों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। लगभग पांच सौ वर्ग मीटर में फैला यह ताल अपनी सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि त्रियुगीनारायण से जौ का जल इस ताल में पहुंचता है। यहां प्रतिवर्ष ग्रीष्मकाल में मेला आयोजित होता है।


पर्यटन सर्किट के तहत बधाणीताल के लिए 60 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। इस धनराशि से धर्मशाला निर्माण व ताल के चारों तरफ की सफाई के कार्य होने हैं। देवरियाताल को पर्यटन से जोडने और वहां अन्य सुविधाएं जुटाने के लिए प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं।- पीके गौतम, जिला पर्यटन अधिकारी, रुद्रप्रयाग
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