अगस्त्यमुनि ब्लॉक का आंगनबाड़ी केंद्र टेमना ढाई माह से बंद पड़ा है। ग्रामीणों ने बाल विकास विभाग और सुपरवाइजर पर ग्रामीणों को गुमराह करने और अधिकारियों पर झूठी रिपोर्ट देने का आरोप लगाया है।
टेमना के आदित्यराम, उमा दत्त, देवेंद्र प्रसाद आदि का कहना है कि बाल विकास परियोजना के तहत 12 वर्ष से आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन हो रहा था। आरोप लगाया कि दो माह पूर्व सुपरवाइजर व विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से केंद्र को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया है, जिस कारण गांव के बच्चों को केंद्र का लाभ नहीं मिल पा रहा है। हैरत यह है कि शिकायत पर जब बाल विकास विभाग के आला अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया तो जांच अधिकारी उसी सुपरवाइजर को बना दिया, जो मामले में आरोपित है। कहा कि सुपरवाइजर ने जो रिपोर्ट डीएम को दी उसमें गांव में बच्चों की संख्या शून्य बताई गई। बाद में डीएम के निर्देश पर खंड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई लेकिन अभी तक कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं दे पाई है। इधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी शैली प्रजापति ने बताया कि आंगनबाड़ी टेमना के मामले में जांच अंतिम चरण में है।