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नौ वर्ष बाद गरूड्चट्टी होगा गुलजार, केदारनाथ से राह हुई आसान
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लगभग आठ साल के लंबे अंतराल के बाद इस यात्राकाल में गरूड़चट्टी गुलजार हो जाएगा। केदारनाथ से गरूड़चट्टी पहुंचने के लिए मंदाकिनी नदी पर 60 मीटर स्पान का पुल बनकर तैयार हो गया है। अब, बाबा केदार के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालु गरूड़चट्टी के प्राचीन मंदिरों के दर्शन भी कर सकेंगे।
केदारनाथ मंदिर से लगभग दो किमी पहले मंदाकिनी नदी के दाई तरफ गरूड़चट्टी है। यहां पर देवी-देवताओं के प्राचीन मंदिर हैं और कुछ धर्मशालाएं भी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्सी के दशक में यहां डेढ़ माह तक साधना की थी। जून 2013 की आपदा से पहले यह स्थान केदारनाथ यात्रा का प्रमुख स्थान था। यहां पर बाबा के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालु व दर्शन कर लौटने वाले भक्तजन यहां जरूर रुकते थे, साथ ही कई यात्री यहां रात्रि प्रवास भी करते हैं, लेकिन आपदा में रामबाड़ा और केदारनाथ से इस स्थान का संपर्क कट गया था। अब इस वर्ष आगामी छह मई से शुरू हो रही बाबा केदार की यात्रा में आने वाले भक्तजन गरूड़चट्टी के दर्शन भी कर सकेंगे। केदारनाथ में मंदाकिनी नदी पर लगभग चार करोड़ की लागत से 60 मीटर स्पान का पुल बनकर तैयार हो चुका है। तीन वर्ष पूर्व रास्ते का निर्माण किया जा चुका है। डीडीएमए के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि पुल को रंग-रोगन कर आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। अब धाम पहुंचने वाले श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर गरूड़चट्टी आसानी से जा सकेंगे।
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केदारनाथ मंदिर से लगभग दो किमी पहले मंदाकिनी नदी के दाई तरफ गरूड़चट्टी है। यहां पर देवी-देवताओं के प्राचीन मंदिर हैं और कुछ धर्मशालाएं भी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्सी के दशक में यहां डेढ़ माह तक साधना की थी। जून 2013 की आपदा से पहले यह स्थान केदारनाथ यात्रा का प्रमुख स्थान था। यहां पर बाबा के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालु व दर्शन कर लौटने वाले भक्तजन यहां जरूर रुकते थे, साथ ही कई यात्री यहां रात्रि प्रवास भी करते हैं, लेकिन आपदा में रामबाड़ा और केदारनाथ से इस स्थान का संपर्क कट गया था। अब इस वर्ष आगामी छह मई से शुरू हो रही बाबा केदार की यात्रा में आने वाले भक्तजन गरूड़चट्टी के दर्शन भी कर सकेंगे। केदारनाथ में मंदाकिनी नदी पर लगभग चार करोड़ की लागत से 60 मीटर स्पान का पुल बनकर तैयार हो चुका है। तीन वर्ष पूर्व रास्ते का निर्माण किया जा चुका है। डीडीएमए के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि पुल को रंग-रोगन कर आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। अब धाम पहुंचने वाले श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर गरूड़चट्टी आसानी से जा सकेंगे।
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