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Rudraprayag News: 12 वर्ष बाद आगामी 26 नवंबर से शुरू होगी मां इंद्रासणी देवी की देवयात्रा
Sun, 13 Oct 2024 05:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Sun, 13 Oct 2024 05:31 PM IST
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फोटो
दो माह तक हक-हकूकधारी के गांवों का करेगी भ्रमण
धार्मिक अनुष्ठान की तैयारियों को लेकर हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
तिलवाड़ा। जखोली ब्लॉक के सिलगढ़ क्षेत्र की आराध्य मां इंद्रासणी देवी की देवयात्रा आगामी 26 नवंबर से शुरू होगी। यात्रा दो माह तक हक-हकूकधारी के गांवों का भ्रमण करेगी। मंदिर परिसर में आचार्यगणों ने पंचांग गणना से देवयात्रा और महायज्ञ का दिन तय किया। साथ ही 12 वर्ष बाद हो रहे धार्मिक अनुष्ठान की तैयारियों को लेकर बैठक भी हुई।
कंडाली गांव स्थित इंद्रासणी देवी मंदिर में आयोजन समिति की मौजूदगी में आचार्यगण नंद पुरोहित और बुद्धिराम रतूड़ी ने देवी की देवयात्रा का शुभमुहूर्त निकाला। पंचांग गणना के अनुसार 26 नवंबर को मां इंद्रासणी की मूर्ति को मंदिर के गर्भगृह से बाहर लाया जाएगा। यहां पर देवी की मूर्ति का शृंगार कर डोली में विराजमान किया जाएगा। इसके बाद मां इंद्रासणी देवयात्रा कंडाली गांव से प्रस्थान करेगी। यात्रा अपने हक-हकूक के गांव जैली, महरगांव, सिरसोलिया, नागधार, पंद्रोला का भ्रमण करेगी। इसके बाद आराध्य भगवती हक-हकूकधारी व 50 से अधिक गांवों का भ्रमण करते हुए भक्तों की कुशलक्षेम पूछेगी। दो माह के भ्रमण के बाद 27 जनवरी 2025 को पुनः कंडाली गांव पहुंचेगी और आगामी सात फरवरी को पूर्णाहुति के साथ अनुष्ठान होगा। 12 वर्ष के बाद हो रहे आयोजन को लेकर आयोजन समिति ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। आगामी तीन नवंबर को समिति की पुन: बैठक होगी।
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दो माह तक हक-हकूकधारी के गांवों का करेगी भ्रमण
धार्मिक अनुष्ठान की तैयारियों को लेकर हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
तिलवाड़ा। जखोली ब्लॉक के सिलगढ़ क्षेत्र की आराध्य मां इंद्रासणी देवी की देवयात्रा आगामी 26 नवंबर से शुरू होगी। यात्रा दो माह तक हक-हकूकधारी के गांवों का भ्रमण करेगी। मंदिर परिसर में आचार्यगणों ने पंचांग गणना से देवयात्रा और महायज्ञ का दिन तय किया। साथ ही 12 वर्ष बाद हो रहे धार्मिक अनुष्ठान की तैयारियों को लेकर बैठक भी हुई।
कंडाली गांव स्थित इंद्रासणी देवी मंदिर में आयोजन समिति की मौजूदगी में आचार्यगण नंद पुरोहित और बुद्धिराम रतूड़ी ने देवी की देवयात्रा का शुभमुहूर्त निकाला। पंचांग गणना के अनुसार 26 नवंबर को मां इंद्रासणी की मूर्ति को मंदिर के गर्भगृह से बाहर लाया जाएगा। यहां पर देवी की मूर्ति का शृंगार कर डोली में विराजमान किया जाएगा। इसके बाद मां इंद्रासणी देवयात्रा कंडाली गांव से प्रस्थान करेगी। यात्रा अपने हक-हकूक के गांव जैली, महरगांव, सिरसोलिया, नागधार, पंद्रोला का भ्रमण करेगी। इसके बाद आराध्य भगवती हक-हकूकधारी व 50 से अधिक गांवों का भ्रमण करते हुए भक्तों की कुशलक्षेम पूछेगी। दो माह के भ्रमण के बाद 27 जनवरी 2025 को पुनः कंडाली गांव पहुंचेगी और आगामी सात फरवरी को पूर्णाहुति के साथ अनुष्ठान होगा। 12 वर्ष के बाद हो रहे आयोजन को लेकर आयोजन समिति ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। आगामी तीन नवंबर को समिति की पुन: बैठक होगी।
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