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मां भगवती की कांठा यात्रा की तैयारी शुरू

Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
Rudraprayag
Rudraprayag Updated Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
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रुद्रप्रयाग। रानीगढ़ पट्टी स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ त्रिपुर सुंदरी बाला हरियाली देवी की हरियाली कांठा यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई है। दीपावली पर्व पर हर वर्ष देवी की यह यात्रा निकाली जाती है। धनतेरस को देवी की उत्सव डोली नेजा, निशानाें और भक्तों के साथ जसोली मंदिर से कांठा यात्रा के लिए रवाना होगी। मान्यता है कि हरि पर्वत पर स्थित मां हरियाली के दर्शन के बाद रानीगढ़ और धनपुर क्षेत्र में दीपावली के त्यौहार की शुरुआत होती है।
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जसोली को मां भगवती का ससुराल माना जाता है। दीपावली पर्व पर हर वर्ष मां भगवती अपने नेजा-निशानाें के साथ ससुराल से मायके कांठा की यात्रा पर निकलती है। यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल होते हैं। धनतेरस की शाम को मां भगवती हरियाली देवी की उत्सव डोली जसोली मंदिर से हरियाली कांठा को रवाना होती है। यात्रा रात भर चलकर छोटी दीपावली के पर्व पर सुबह सूर्य की पहली पहली किरण के साथ कांठा पहुंचती है। यहां ब्राह्मणों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना करने के पश्चात डोली पुन: जसोली गांव लौट आएगी। इसके बाद गांवाें में दीपावली का पर्व मनाया जाता है।
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एक हफ्ते पूर्व त्यागते हैं तामसी भोजन
रुद्रप्रयाग। मां हरियाली की कांठा यात्रा पूरी तरह से सात्विक होती है। इसमें प्रतिभाग करने के लिए नियम बनाए गए हैं। नियमानुसार यात्रा में शामिल होने वाले हर श्रद्धालु को एक सप्ताह पूर्व से ही तामसी भोजन (मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन आदि) त्यागना होता है। इसके साथ ही पूरी यात्रा नंगे पांव ही पूरी करनी पड़ती है।
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यह है मान्यता
हरियाली देवी को भगवान श्रीकृष्ण की बहिन योगमाया के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कंस को जब यह पता चला कि बंदीगृह में देवकी ने आठवीं संतान को जन्म दे दिया है तो वह देवकी और वासुदेव के हाथों से बच्ची (योगमाया) को छीनकर जमीन पर पटकता है, लेकिन योगमाया आकाश में अंतर्धान हो जाती है। माना जाता है कि देवी उसके बाद यहां आकर बस गई।

वासुदेव मेले में देव डोलियों का होगा मिलन
रुद्रप्रयाग/जखोली। बांगर पट्टी में दो दिवसीय श्री वासुदेव दशमी-एकादशी मेला एक और दो नवंबर को होगा। मेले की तैयारियों के लिए पुजारगांव में बैठक आयोजित की गई जिसमें बांगर पट्टी के विभिन्न गांवाें के जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस मौके पर निर्णय लिया गया कि मेले को भव्य रूप से मनाने के लिए सामूहिक भागीदारी के साथ कार्य किया जाएगा। वासुदेव मंदिर परिसर पुजारगांव में मेले के आयोजन को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियाें और ग्रामीणाें की बैठक जिला पंचायत सदस्य और मेला समिति के अध्यक्ष महावीर सिंह पंवार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर विभिन्न गांवाें की देव डोलियों का मिलन और नृत्य भी होगा।
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