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पहाड़ में मौसम का पहला हिमपात

Wed, 15 Oct 2014 05:32 AM IST
Rudraprayag
Rudraprayag Updated Wed, 15 Oct 2014 05:32 AM IST
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गढ़वाल। पहाड़ में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट बदली। तड़के से आसमान में छाए बादल अचानक बरस पडे़। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित हिमालय की चोटियों पर मौसम का पहला हिमपात हुआ। ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी और घाटियों में बारिश से ठंड का आगाज हो गया है।
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रुद्रप्रयाग जिले के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार को दिन भर बारिश जारी रही। केदारनाथ में पिछले कुछ दिनों से ठंड बढ़ गई है। रात में पानी जम रहा है। सुबह लगभग आठ बजे धूप निकलने के आधे घंटे बाद तापमान बढ़ने पर नलों से पानी बहना शुरू होता है। मंगलवार सुबह से धाम में बारिश से तापमान काफी नीचे आ गया। ऐसे में पानी गलाने को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर में एक-दो घंटे बारिश रुकी, लेकिन अपराह्न दो बजे से फिर बारिश शुरू हो गई। सुबह से ऊंची चोटियों में बर्फबारी होती रही। देर शाम साढ़े सात बजे से केदारनाथ मंदिर के आसपास भी बर्फबारी शुरू हो गई।
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कर्णप्रयाग। मंगलवार को दिनभर रिमझिम बारिश हुई और ऊंचाई वाले क्षेत्र बेदनी, रूपकुंड सहित उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी हुई। इससे देवाल ब्लाक के ऊंचाई वाले गांवों में ठंड बढ़ गई है। उधर पिंडरघाटी और गैरसैंण में भी बारिश हुई। इस दौरान बाजारों में चहल-पहल भी कम ही देखने को मिली।
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बदरीनाथ की चोटियों पर दिनभर बर्फबारी
गोपेश्वर। जिले में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट बदली। तड़के से ही आसमान में छाए बादल दोपहर बाद बरस पडे़। बदरीनाथ धाम में तड़के मौसम की पहली बर्फबारी हुई। चोटियों पर दिनभर भी बर्फबारी होती रही। धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दिनभर तीर्थयात्री होटलों और स्थानीय लोग अपने घरों में दुबके रहे। कड़ाके की ठंड को देखते हुए नीती घाटी के करीब 80 परिवार निचले क्षेत्रों को लौट आए हैं। जबकि घाटी के लोग अक्तूबर माह के अंतिम सप्ताह में निचले क्षेत्रों को लौटते थे। मंगलवार को गोपेश्वर में तापमान अधिकतम 24 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री रहा। जबकि बदरीनाथ धाम में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री रहा। जिला मुख्यालय पर भी दिनभर शीतलहर चलती रही।

गंगोत्री-यमुनोत्री की चोटियों पर हिमपात
उत्तरकाशी। यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम सहित हिमालय की चोटियों पर मौसम का पहला हिमपात हुआ। ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी और घाटियों में बारिश से तापमान में गिरावट आने से ठंड का आगाज हो गया है।
मंगलवार सुबह से ही जिले के आसमान में बादल छाने के साथ ही घाटी वाले इलाकों में रुक-रुक कर रिमझिम बारिश शुरू हो गई। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में दोपहर बाद हल्की बर्फबारी शुरू हो गई। हालांकि अभी बर्फ जमीन पर टिकने लायक स्थिति नहीं बन पाई है। स्वामी अनिल स्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि बीते कुछ दिनों से गंगोत्री में तापमान 7-8 डिग्री सेल्सियस बना हुआ था। समुद्र सतह से साढ़े तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिला मुख्यालय सहित अन्य कस्बों और गांवों में भी अधिकतम तापमान 25 और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से ठंड शुरू हो गई है।

116 श्रद्धालुओं ने किए केदार बाबा के दर्शन
रुद्रप्रयाग। बारिश के बीच सोनप्रयाग से 108 श्रद्धालु केदारनाथ के लिए रवाना हुए। जबकि शाम चार बजे तक 116 श्रद्धालुओं ने केदार बाबा के दर्शन कर लिए थे। निम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि बारिश से काम में बाधा आ रही है। इधर, एसडीएम यूएस चौहान ने बताया कि यात्रा सामान्य रूप से चल रही है। बारिश से ठंड बढ़ी है, लेकिन इससे कोई दिक्कत नहीं हो रही है।

पौड़ी में हल्की बारिश
पौड़ी। यहां मंगलवार सुबह नौ बजे से शुरू हुई हल्की बारिश दोपहर एक बजे तक जारी रही। शहर में दिन भर कोहरा छाया रहा। शहर में अधिकतम तापमान 16 डिग्री आ गया है। ठंड से बचने के लिए लोगों ने गरम कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं।

टिहरी जिले में हुई 4.2 मिमी बारिश
नई टिहरी। मौसम ने मंगलवार को एकाएक करवट बदली है। सुबह से ही रिमझिम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था। दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। जिले में 4.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। बारिश से तापमान में गिरावट आई है। एकाएक ठंड बढ़ने से लोगों ने गर्म ऊनी वस्त्र पहने शुरू कर दिए है। मंगलवार को नई टिहरी का अधिकतम तापमान 14.6 और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

खेतों में खड़ी फसल को होगा नुकसान, बागवानी पर असर नहीं
उत्तरकाशी/पौड़ी। कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ के प्रभारी डा.वीके सचान ने बताया कि सेब आदि फल प्रजातियों पर इस बदलाव का कोई असर नहीं है। खेतों में तैयार खड़ी धान, मंडुआ, झंगोरा, गहत आदि फसलों के लिए यह बारिश थोड़ा नुकसानदायक हो सकती है। जबकि सब्जी फसलों के लिए यह फायदेमंद है।

पौड़ी जिले के मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा ने बताया कि यह बारिश अब बोई जाने वाली रवि की फसल के ठीक है, लेकिन खेतों में खड़ी फसलों को इससे नुकसान हो रहा है। जिला उद्यान निरीक्षक डीडीएस पटवाल ने बताया कि इन दिनों बोई जाने वाली मटर, राई और पालक की फसलों के लिए यह लाभदायक है।
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