{"_id":"14-78314","slug":"Rudraprayag-78314-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच में 113 व्यापारी आए जद में, नोटिस जारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच में 113 व्यापारी आए जद में, नोटिस जारी
Rudraprayag
Updated Wed, 15 Oct 2014 05:32 AM IST
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रुद्रप्रयाग। आपदा सहायता राशि वितरण फर्जीवाड़े में जिला प्रशासन ने 113 व्यापारियाें को नोटिस जारी किए हैं। इसमें रुद्रप्रयाग तहसील के 53 और ऊखीमठ तहसील के 60 व्यापारी शामिल हैं। व्यापारियाें के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केदारनाथ त्रासदी के बाद व्यापारियों को दी गई आपदा राहत राशि वितरण को लेकर शिकायतें मिलने के बाद जिलाधिकारी डा. राघव लंगर ने रुद्रप्रयाग और ऊखीमठ तहसील के व्यापारियाें को वितरित राहत राशि की जांच करने के निर्देश दिए थे। पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रीयल जांच के बाद दोनाें तहसीलाें में 113 व्यापारियाें को प्रशासन स्तर से नोटिस जारी किए गए हैं।
ऊखीमठ के एसडीएम यूएस चौहान ने बताया कि जांच के बाद ऐसे व्यापारियाें को नोटिस जारी किए हैं जिन्होंने एक ही प्रतिष्ठान के सापेक्ष एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर सहायता राशि ली है। इसके अलावा ऐसे व्यापारी भी शामिल हैं जिनके व्यापारिक प्रतिष्ठान तो सुरक्षित हैं, लेकिन उन्हाेंने सामग्री क्षति दिखाकर सूची में नाम अंकित करवाया है। उन्हाेंने बताया कि संबंधित व्यापारियाें का जवाब मिलने के बाद उसमें उल्लेखित तथ्याें का जांच करवाई जाएगी। गलत तरीके से मुआवजा प्राप्त करने की पुष्टि होने पर संबंधी व्यापारियाें से रिकवरी करने के साथ ही वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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केदारनाथ त्रासदी के बाद व्यापारियों को दी गई आपदा राहत राशि वितरण को लेकर शिकायतें मिलने के बाद जिलाधिकारी डा. राघव लंगर ने रुद्रप्रयाग और ऊखीमठ तहसील के व्यापारियाें को वितरित राहत राशि की जांच करने के निर्देश दिए थे। पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रीयल जांच के बाद दोनाें तहसीलाें में 113 व्यापारियाें को प्रशासन स्तर से नोटिस जारी किए गए हैं।
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ऊखीमठ के एसडीएम यूएस चौहान ने बताया कि जांच के बाद ऐसे व्यापारियाें को नोटिस जारी किए हैं जिन्होंने एक ही प्रतिष्ठान के सापेक्ष एक से अधिक व्यक्ति के नाम पर सहायता राशि ली है। इसके अलावा ऐसे व्यापारी भी शामिल हैं जिनके व्यापारिक प्रतिष्ठान तो सुरक्षित हैं, लेकिन उन्हाेंने सामग्री क्षति दिखाकर सूची में नाम अंकित करवाया है। उन्हाेंने बताया कि संबंधित व्यापारियाें का जवाब मिलने के बाद उसमें उल्लेखित तथ्याें का जांच करवाई जाएगी। गलत तरीके से मुआवजा प्राप्त करने की पुष्टि होने पर संबंधी व्यापारियाें से रिकवरी करने के साथ ही वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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