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कुमार कार्तिकेय चले पिता से मिलने

Fri, 24 May 2013 05:30 AM IST
Rudraprayag
Rudraprayag Updated Fri, 24 May 2013 05:30 AM IST
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रुद्रप्रयाग। देव सेनापति कुमार कार्तिकेय अपने पिता भगवान शिव से मिलने केदारनाथ की ओर चल दिए हैैं। 26 मई को पिता-पुत्र (केदारनाथ-कार्तिक स्वामी) का मिलन केदारनाथ धाम में होगा। इस देव यात्रा की वापसी के बाद खुरड़ में 30 मई को यज्ञ और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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बृहस्पतिवार को नगर क्षेत्र के खुरड़ मुहल्ले स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर के कुमार कार्तिकेय ने भक्तों के साथ शुक्ल त्रयोदशी के अवसर पर केदारनाथ की ओर प्रस्थान किया। इससे पूर्व मंदिर में यज्ञ और पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद देवता की रजत मूर्ति और निशाणों के साथ पदयात्रा शुरू हुई। कार्तिक स्वामी का मार्ग में कोटेश्वर महादेव और रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शिव से मिलन हुआ। बृहस्पतिवार को कार्तिक स्वामी अगस्त्यमुनि मंदिर में रात्रि विश्राम करेंगे। 25 मई को देव सेनापति अपने माता-पिता की विवाह स्थली त्रियुगीनारायण जाएंगे।
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पदयात्रा में बेला, खुरड़, चापड़, डुंगरी और गंधारी गांव के 200 लोग साथ चल रहे हैं। कोटेश्वर महादेव के महंत शिवानंद गिरी महाराज ने बताया कि कार्तिक स्वामी पांच वर्ष के अंतराल में अपने पिता से मिलने केदारनाथ जाते हैं। यह परंपरा प्राचीनकाल से चली आ रही है।
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कार्तिक स्वामी मंदिर की पदयात्रा
24 मई अगस्त्यमुनि से विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी
25 मई गुप्तकाशी से त्रियुगीनारायण
26 मई त्रियुगीनारायण से केदारनाथ
27 मई केदारनाथ से फाटा
28 मई फाटा से अगस्त्यमुनि
29 मई अगस्त्यमुनि से खुरड़
30 मई यज्ञ और भंडारा
मक्कू में बस नाम की सुविधाएं
बिजली, सड़क, स्वास्थ्य सेवा सब बदहाल
तृतीय केदार बाबा तुंगनाथ की शीतकालीन गद्दीस्थल है यह स्थान

ऊखीमठ। तृतीय केदार बाबा तुुंगनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल और महर्षि मर्कट की तपस्थली मक्कू में मूलभूत सुविधाआें का अभाव बना हुआ है। मक्कू में विद्युत, पेयजल, स्वास्थ्य, सड़क और संचार सेवा बदहाल है। इन अव्यवस्थाओं को लेकर कई बार शिकायतें की फिर भी सुविधाएं बहाल नहीं हुईं। ऐसे में यहां पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।
मक्कू में लो वोल्टेज की समस्या से ग्रामीण परेशान हैं। रात होते ही घराें में ताराें की तरह विद्युत बल्ब टिमटिमाने लगते हैं। वहीं गांव को पेयजल आपूर्ति के लिए 40 वर्ष पूर्व जगपूड़ा-मक्कू पेजयल योजना का निर्माण किया गया था। तब से अब तक विभाग ने इसकी सुध नहीं ली है, जिससे यह योजना जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़ी है।
स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर मक्कू में एक मात्र एएनएम सेंटर है, जिसमें एक फार्मेसिस्ट और एएनएम तैनात हैं। यात्राकाल के दौरान फार्मेसिस्ट की तैनाती चोपता में कर दी जाती है, जिससे ग्रामीणाें को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। वहीं गांव को यातायात से जोड़ने के लिए निर्मित भीरी-परकंडी-मक्कू मोटर मार्ग भी क्षतिग्रस्त पड़ा है जिससे ग्रामीण जान हथेली पर रखकर सफर कर रहे हैं।
मक्कू की ग्राम प्रधान दशमी देवी और पाबजोपड़ा के ग्राम प्रधान जय सिंह चौहान ने कहा कि गांव की विभिन्न समस्याआें के संबंध में अधिकारियाें को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्याआें को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इस कारण आज भी गांव विकास की दौड़ में पिछड़ता जा रहा है।


इंसेट
सड़क क्षतिग्रस्त है तो मरम्मत होगी
मक्कू बैंड से मक्कू तक क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत की गई है। यदि अभी भी सड़क क्षतिग्रस्त है तो इसकी मरम्मत का कार्य शीघ्र करवाया जाएगा। - प्रवीण कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि ऊखीमठ।
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