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सर्वे कार्य को जिले को बांटा 802 प्रगणक खंडों में
Rudraprayag
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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रुद्रप्रयाग। मुख्य विकास अधिकारी पीसी तिवारी ने कहा कि छठवीं आर्थिक गणना में कृषि एवं बागवानी उत्पादन को छोड़कर प्रत्येक ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के सभी प्रकार के उद्यमों की शत प्रतिशत गणना की जाएगी।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्णयानुसार जनगणना 2011 के लिए बनाए गए प्रगणक खंडों के अनुरूप ही आर्थिक गणना 2012 के लिए प्रगणक खंड बनाए जाएंगे। समिति के सचिव/ जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अनुपम द्विवेदी ने अवगत कराया कि गणना का सर्वेक्षण जनवरी 2013 से जून 2013 के बीच होना है। सर्वेक्षण कार्य के लिए 802 प्रगणक खंडों में बांटा गया है। जबकि जनगणना 2011 में प्रयुक्त अनुसूचियों के आधार पर 779 प्रगणक खंड हैं। यह अंतर गैर आबाद ग्रामों के कारण आ रहा है। गणना कार्य के लिए एक गणना कर्मी को तीन प्रगणक खंड और एक पर्यवेक्षक को छह प्रगणक खंडों को कार्य सौंपा गया है। गणना कार्य के लिए 286 प्रगणक और 143 पर्यवेक्षकों की जरूरत है। विकास खंड स्तर पर खंड विकास अधिकारी और नगरीय क्षेत्र में अधिकारी अधिकारी चार्ज अधिकारी नामित हैं।
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उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्णयानुसार जनगणना 2011 के लिए बनाए गए प्रगणक खंडों के अनुरूप ही आर्थिक गणना 2012 के लिए प्रगणक खंड बनाए जाएंगे। समिति के सचिव/ जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अनुपम द्विवेदी ने अवगत कराया कि गणना का सर्वेक्षण जनवरी 2013 से जून 2013 के बीच होना है। सर्वेक्षण कार्य के लिए 802 प्रगणक खंडों में बांटा गया है। जबकि जनगणना 2011 में प्रयुक्त अनुसूचियों के आधार पर 779 प्रगणक खंड हैं। यह अंतर गैर आबाद ग्रामों के कारण आ रहा है। गणना कार्य के लिए एक गणना कर्मी को तीन प्रगणक खंड और एक पर्यवेक्षक को छह प्रगणक खंडों को कार्य सौंपा गया है। गणना कार्य के लिए 286 प्रगणक और 143 पर्यवेक्षकों की जरूरत है। विकास खंड स्तर पर खंड विकास अधिकारी और नगरीय क्षेत्र में अधिकारी अधिकारी चार्ज अधिकारी नामित हैं।
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