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मार्ग न खुले तो झेलनी होगी अनाज-ईंधन की कमी
Rudraprayag
Updated Thu, 09 Aug 2012 12:00 PM IST
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तिलवाड़ा। अगस्त्यमुनि और जखोली ब्लाक के केंद्र तिलवाड़ा से जुड़े क्षेत्रों के संपर्क मार्गों के बंद होने से लगभग 20 हजार की आबादी प्रभावित हो गई है। भूस्खलन से सड़कों के बाधित होने से लोग मीलों पैदल चलकर अपनी जरूरत का समान ला रहे हैं। यदि जल्द संपर्क मार्ग नहीं खुले तो क्षेत्र में अनाज और्र इंधन की समस्या खड़ी हो जाएगी।
सूर्यप्रयाग-मुसाढुंग, विजयनगर-टाट, मयाली-तैला, अंथोली-जाखाल और तिलवाड़ा-सौंराखाल मोटर मार्ग भूस्खलन और पुश्ते ढहने से अवरुद्ध हैं। वहीं तिलवाड़ा-मयाली-घनसाली मोटर मार्ग भी हरिनगर और पैंयाताल में बंद पड़े हैं। वहीं शीशों और सिरसोलिया गांवों में सड़क का मलबा घरों में घुस रहा है। दूसरी ओर आपदा प्रभावित जैली गांव में पहाड़ी से भूस्खलन का मलबा आना जारी है। गांव में आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजना की मरम्मत न होने से जलापूर्ति बाधित है। क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्मला बहुगुणा ने कहा कि जल संस्थान रबर के पाइप लगाकर आपूर्ति के वैकल्पिक प्रयास करे।
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सूर्यप्रयाग-मुसाढुंग, विजयनगर-टाट, मयाली-तैला, अंथोली-जाखाल और तिलवाड़ा-सौंराखाल मोटर मार्ग भूस्खलन और पुश्ते ढहने से अवरुद्ध हैं। वहीं तिलवाड़ा-मयाली-घनसाली मोटर मार्ग भी हरिनगर और पैंयाताल में बंद पड़े हैं। वहीं शीशों और सिरसोलिया गांवों में सड़क का मलबा घरों में घुस रहा है। दूसरी ओर आपदा प्रभावित जैली गांव में पहाड़ी से भूस्खलन का मलबा आना जारी है। गांव में आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजना की मरम्मत न होने से जलापूर्ति बाधित है। क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्मला बहुगुणा ने कहा कि जल संस्थान रबर के पाइप लगाकर आपूर्ति के वैकल्पिक प्रयास करे।
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