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चक्रव्यूह के एक-एक द्वार को तोड़ते अभिमन्यु को कौरवों ने छल से मारा
Updated Mon, 03 Dec 2018 10:20 PM IST
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जखोली। ग्राम पंचायत त्यूंखर में पांडव नृत्य के दौरान चक्रव्यूह लीला में कौरवों द्वारा वीर अभिमन्यु को छल से मारने का मार्मिक मंचन किया गया। इस दौरान पात्रों के संजीदा अभिनय ने दर्शकों की आंखें नम कर दी।
सोमवार को पांडव नृत्य के तहत त्यूंखर गांव में चक्रव्यूह लीला का मंचन किया गया। गुरू द्रोणाचार्य अर्जुन की अनुपस्थिति में पांडवों को पराजित करने के लिए चक्रव्यूह की रचना करते हैं। यह, देख युधिष्ठिर व पांडव सेना परेशान हो जाती है, लेकिन अर्जुन पुत्र वीर अभिमन्यु अपने ताऊ युधिष्ठिर को भरोसा दिलाता है कि वह युद्ध में कौरवों को मुंहतोड़ जवाब देगा। वीर अभिमन्यु चक्रव्यूह में प्रवेश करते हुए सभी द्वारों पर खड़े कौरव महारथियों जयद्रथ, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, दुर्योधन, कर्ण, दुष्शासन आदि को पराजित करते हुए सातवें द्वार पर पहुंच जाता है, लेकिन यहां कौरव महारथी एकजुट होकर छल से अभिमन्यु का निर्दयता से वध कर देते हैं। इस दौरान कई दर्शकों की आंखें भर आई। दूसरी तरफ युवक मंगल दल कपणियां व जखोली द्वारा गढ़वाली भाषा में कमल व्यूह का मंचन किया गया। जहां अभिमन्यु की मौत का बदला लेते हुए अर्जुन सूर्यास्त से पहले भगवान श्रीकृष्ण की माया की मदद से जयद्रथ का वध करता है। इस मौके पर भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
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सोमवार को पांडव नृत्य के तहत त्यूंखर गांव में चक्रव्यूह लीला का मंचन किया गया। गुरू द्रोणाचार्य अर्जुन की अनुपस्थिति में पांडवों को पराजित करने के लिए चक्रव्यूह की रचना करते हैं। यह, देख युधिष्ठिर व पांडव सेना परेशान हो जाती है, लेकिन अर्जुन पुत्र वीर अभिमन्यु अपने ताऊ युधिष्ठिर को भरोसा दिलाता है कि वह युद्ध में कौरवों को मुंहतोड़ जवाब देगा। वीर अभिमन्यु चक्रव्यूह में प्रवेश करते हुए सभी द्वारों पर खड़े कौरव महारथियों जयद्रथ, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, दुर्योधन, कर्ण, दुष्शासन आदि को पराजित करते हुए सातवें द्वार पर पहुंच जाता है, लेकिन यहां कौरव महारथी एकजुट होकर छल से अभिमन्यु का निर्दयता से वध कर देते हैं। इस दौरान कई दर्शकों की आंखें भर आई। दूसरी तरफ युवक मंगल दल कपणियां व जखोली द्वारा गढ़वाली भाषा में कमल व्यूह का मंचन किया गया। जहां अभिमन्यु की मौत का बदला लेते हुए अर्जुन सूर्यास्त से पहले भगवान श्रीकृष्ण की माया की मदद से जयद्रथ का वध करता है। इस मौके पर भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
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