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प्रभावितों ने मुआवजा चेक लेने से किया इंकार, बैरंग लौटे तहसीलदार व टीम
Updated Thu, 23 Nov 2017 10:38 PM IST
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अगस्त्यमुनि। ऑल वेदर रोड के तहत रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे चौड़ीकरण से प्रभावित भवन स्वामियों/व्यापारियों ने तहसीलदार के नेतृत्व में मुआवजा वितरण को पहुंची टीम को बैरंग लौटा दिया। प्रभावितों ने शासन-प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए चेक लेने से इनकार करते हुए 26 नवंबर को तिलवाड़ा में महारैली आयोजित करने का ऐलान किया है।
तहसीलदार रुद्रप्रयाग श्रेष्ठ गुनसोला के नेतृत्व में एनएच व राजस्व विभाग के अधिकारियों की टीम बृहस्पतिवार को सिल्ली पहुंची थी। यहां मुआवजे के चेक दिए जाने थे, लेकिन प्रभावितों ने चेक लेने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक एनएच चौड़ीकरण के लिए 24 मीटर भूमि अधिग्रहण की नीति स्पष्ट नहीं होती है और लोगों को विश्वास में नहीं लिया जाता है, वे किसी भी प्रकार का मुआवजा नहीं लेंगे। साथ ही जमीन भी नहीं कटने देंगे। ऑल वेदर रोड संघर्ष समिति के संयोजक हर्षवर्धन बेंजवाल, अध्यक्ष रमेश बेंजवाल व उमा प्रसाद भट्ट ने कहा कि मामले में जब तक सरकार कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, वे मुआवजा चेक नहीं लेंगे। कहा कि शासन-प्रशासन को उनकी आठ सूत्रीय मांगों पर विचार कर समाधान करना चाहिए। इससे पूर्व बुधवार देर शाम एसडीएम देवानंद ने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों व प्रभावितों के साथ बैठक कर उन्हें मनाने का प्रयास किया, लेकिन प्रभावितों ने एक नहीं सुनी। उनका कहना था कि अधिग्रहण 24 मीटर भूमि का किया जा रहा है, लेकिन मुआवजा मात्र 12 मीटर का दिया जा रहा है। शेष अधिग्रहित भूमि का मुआवजा कौन देगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि प्रभावितों की मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार किया जाएगा। इस मौके पर प्रभावित भवन स्वामी व व्यापारी मौजूद थे।
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तहसीलदार रुद्रप्रयाग श्रेष्ठ गुनसोला के नेतृत्व में एनएच व राजस्व विभाग के अधिकारियों की टीम बृहस्पतिवार को सिल्ली पहुंची थी। यहां मुआवजे के चेक दिए जाने थे, लेकिन प्रभावितों ने चेक लेने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक एनएच चौड़ीकरण के लिए 24 मीटर भूमि अधिग्रहण की नीति स्पष्ट नहीं होती है और लोगों को विश्वास में नहीं लिया जाता है, वे किसी भी प्रकार का मुआवजा नहीं लेंगे। साथ ही जमीन भी नहीं कटने देंगे। ऑल वेदर रोड संघर्ष समिति के संयोजक हर्षवर्धन बेंजवाल, अध्यक्ष रमेश बेंजवाल व उमा प्रसाद भट्ट ने कहा कि मामले में जब तक सरकार कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, वे मुआवजा चेक नहीं लेंगे। कहा कि शासन-प्रशासन को उनकी आठ सूत्रीय मांगों पर विचार कर समाधान करना चाहिए। इससे पूर्व बुधवार देर शाम एसडीएम देवानंद ने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों व प्रभावितों के साथ बैठक कर उन्हें मनाने का प्रयास किया, लेकिन प्रभावितों ने एक नहीं सुनी। उनका कहना था कि अधिग्रहण 24 मीटर भूमि का किया जा रहा है, लेकिन मुआवजा मात्र 12 मीटर का दिया जा रहा है। शेष अधिग्रहित भूमि का मुआवजा कौन देगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि प्रभावितों की मांगों पर सकारात्मक तरीके से विचार किया जाएगा। इस मौके पर प्रभावित भवन स्वामी व व्यापारी मौजूद थे।
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