{"_id":"5846e7b84f1c1b2434447df9","slug":"885-million-will-improve-the-condition-of-11-rivers","type":"story","status":"publish","title_hn":"885 करोड़ से सुधरेगी 11 नदियों की दशा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
885 करोड़ से सुधरेगी 11 नदियों की दशा
ब्यूरो/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Tue, 06 Dec 2016 10:01 PM IST
विज्ञापन
रुद्रप्रयाग पहुंचे नमामि गंगे उत्तराखंड के परियोजना निदेशक संतोष विजय शर्मा
- फोटो : amar ujala.
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नमामि गंगे योजना के तहत 885 करोड़ की लागत से गंगा सहित 11 नदियों की दशा सुधारी जाएगी। वन विभाग ने इन कार्यों के लिए पंचवर्षीय डीपीआर (2016-17 से 2020-21) तैयार की है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 16 करोड़ के कार्य होंगे। प्रोजेक्ट में 11 नदियों सहित इनके किनारे बसे नगरों को भी शामिल किया गया है।
मंगलवार को रुद्रप्रयाग पहुंचे नमामि गंगे उत्तराखंड के परियोजना निदेशक संतोष विजय शर्मा ने योजना के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बताया कि राज्य में वन विभाग एफआईजी (फारेस्ट्री इंटरवेंसन ऑफ गंगा) के तहत तटबंधों के निर्माण के साथ स्नानघाट और अन्य कार्य करेगा ताकि गंदगी नदियों में न जाए।
हरियाली के लिए हाईवे, पैदल रास्तों और नदियों के किनारे बसे नगरों में विभिन्न प्रजातियों के फूल और पौधों का रोपण किया जाएगा। आपदा और अन्य कारणों से होने वाले नुकसान से भूमि को बचाने के लिए 200 हेक्टेयर भूमि को संरक्षित किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गंगा और सहायक नदियों के किनारे बसे नगरों में गंगा वाटिकाएं स्थापित की जाएंगी।
विज्ञापन
मेरा वृक्ष मेरा धन योजना के तहत वन विभाग 45 हजार फलदार पौधे, जिनमें सेब, आडू, अखरोट और खुमानी के पौधे शामिल हैं, काश्तकारों को बांटेगा। परियोजना निदेशक ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को योजना की तकनीकी जानकारी दी। प्रदेश स्तर पर होने वाले कार्यों के लिए वन विभाग की ओर से 21 प्रभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विज्ञापन
मंगलवार को रुद्रप्रयाग पहुंचे नमामि गंगे उत्तराखंड के परियोजना निदेशक संतोष विजय शर्मा ने योजना के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बताया कि राज्य में वन विभाग एफआईजी (फारेस्ट्री इंटरवेंसन ऑफ गंगा) के तहत तटबंधों के निर्माण के साथ स्नानघाट और अन्य कार्य करेगा ताकि गंदगी नदियों में न जाए।
विज्ञापन
हरियाली के लिए हाईवे, पैदल रास्तों और नदियों के किनारे बसे नगरों में विभिन्न प्रजातियों के फूल और पौधों का रोपण किया जाएगा। आपदा और अन्य कारणों से होने वाले नुकसान से भूमि को बचाने के लिए 200 हेक्टेयर भूमि को संरक्षित किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गंगा और सहायक नदियों के किनारे बसे नगरों में गंगा वाटिकाएं स्थापित की जाएंगी।
विज्ञापन
मेरा वृक्ष मेरा धन योजना के तहत वन विभाग 45 हजार फलदार पौधे, जिनमें सेब, आडू, अखरोट और खुमानी के पौधे शामिल हैं, काश्तकारों को बांटेगा। परियोजना निदेशक ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को योजना की तकनीकी जानकारी दी। प्रदेश स्तर पर होने वाले कार्यों के लिए वन विभाग की ओर से 21 प्रभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।