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बलात्कार अभियुक्त को 10 वर्ष की कैद
Updated Thu, 19 Apr 2018 11:00 PM IST
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रुद्रप्रयाग। विशेष न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल ने मानव दुर्व्यवहार (मानव तस्करी), बलात्कार और शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण के मामले में एक अभियुक्त को 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त साजिद उर्फ समीर, निवासी बिजनौर को भादंसं की धारा 370 (मानव दुर्व्यवहार) में दोषी पाते हुए सात साल की जेल व 20 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 (शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण) के तहत 7 साल की जेल व 20 हजार रुपये अर्थदंड और धारा 376 (बलात्कार) के लिए 10 वर्ष की जेल और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। तीनों सजाए एक साथ चलेगी।
उन्होंने पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को आधार मानते हुए अभियुक्त को सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता विपुल कुमार पांडे ने बताया कि 10 जुलाई 2017 को सोनप्रयाग थाना में एक लड़की की गुमशुदगी दर्ज हुई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़की को अभियुक्त के साथ 11 जुलाई को कर्णप्रयाग से बरामद किया था। इसके बाद अभियुक्त के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। पुलिस विवेचना के बाद विशेष न्यायाधीश की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। अधिवक्ता पांडे ने बताया कि मानव दुर्व्यवहार के मामले में जनपद में यह पहली सजा है।
बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त साजिद उर्फ समीर, निवासी बिजनौर को भादंसं की धारा 370 (मानव दुर्व्यवहार) में दोषी पाते हुए सात साल की जेल व 20 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 (शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण) के तहत 7 साल की जेल व 20 हजार रुपये अर्थदंड और धारा 376 (बलात्कार) के लिए 10 वर्ष की जेल और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। तीनों सजाए एक साथ चलेगी।
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उन्होंने पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को आधार मानते हुए अभियुक्त को सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता विपुल कुमार पांडे ने बताया कि 10 जुलाई 2017 को सोनप्रयाग थाना में एक लड़की की गुमशुदगी दर्ज हुई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़की को अभियुक्त के साथ 11 जुलाई को कर्णप्रयाग से बरामद किया था। इसके बाद अभियुक्त के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। पुलिस विवेचना के बाद विशेष न्यायाधीश की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। अधिवक्ता पांडे ने बताया कि मानव दुर्व्यवहार के मामले में जनपद में यह पहली सजा है।
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