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पर्यटक आवास गृह को लगा वन कानून का ग्रहण

Mon, 25 Dec 2017 10:30 PM IST
Updated Mon, 25 Dec 2017 10:30 PM IST
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पर्यटक आवास गृह को लगा वन कानून का ग्रहण
रुद्रप्रयाग। चमोली और रुद्रप्रयाग जनपद के 300 सौ से अधिक गांवों के आराध्य भगवान कार्तिक स्वामी मंदिर के लिए जाने वाले पैदल मार्ग कनकचौंरी में निर्माणाधीन पर्यटक आवास गृह का निर्माण अधर में लटक गया है। जिस जमीन पर यह विश्राम गृह बनाया जा रहा है, वन विभाग ने उसे अपनी बताकर यहां निर्माण कार्य रुकवा दिया है। 1.59 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पर्यटक आवास 70 फीसदी बनने के बाद ठप पड़ा है।
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वर्ष 2015 में उत्तराखंड शासन ने इस पर्यटक आवास गृह को मंजूरी दी थी। इसके लिए बाकायदा स्थानीय लोगों ने अपनी भूमि दान दी थी। इनके निर्माण की जिम्मेदारी गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को सौंपी गई। जीएमवीएन ने इस प्री-फेब्रिकेटेड भवन का करीब 70 फीसदी कार्य पूरा कर लिया है, लेकिन नवंबर से वन विभाग ने इस भूमि को अपना बताकर इस पर चल रहे निर्माण कार्य को रुकवा दिया।
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इधर, क्षेत्रीय जनता ने विश्राम गृह का कार्य जल्द शुरू कराने की मांग करते हुए शासन, प्रशासन और वन विभाग के प्रति नाराजगी व्यक्त की है। कार्तिक मंदिर स्वामी समिति के शत्रुघ्न सिंह नेगी, लक्ष्मण सिंह नेगी का कहना है कि वन विभाग अकारण विवाद खड़ा कर रहा है। अगर, जल्द मामले को निस्तारित नहीं किया गया तो वे जनांदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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जीएमवीएन के डीजीएम गंभीर सिंह का कहना है कि पर्यटन विभाग ने आवास गृह के लिए यह स्थान सुझाया था। इस पर ग्रामीणों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर निर्माण कार्य आरंभ किया गया था। वहीं, वन विभाग के एसडीओ महिपाल सिंह सिरोही का कहना है कि उक्त भूमि वन विभाग की है। इसे जीएमवीएन को स्थानांतरित करने की कार्यवाही चल रही है।
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