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जिले में लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं लील चुकी इस वर्ष 6 लोगों की जिदंगी
Updated Thu, 14 Dec 2017 10:41 PM IST
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रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी ने इलाज के अभाव में इस वर्ष चार बच्चों सहित छह लोगों की मौत के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लताड़ लगाई। उन्होंने अस्पतालों में रात्रि ड्यूटी के प्रति गंभीर होने के निर्देश दिए। कहा कि त्वरित सुधार नहीं होने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
जिला सभागार में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला व बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि जिला अस्पताल सहित जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में रात के समय आपातकाल ड्यूटी में लापरवाही की शिकायतें मिली हैं। औचक निरीक्षण में अगर कोई गायब मिला तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया कि समय पर उपचार के अभाव में इस वर्ष 4 बच्चे व 2 महिलाओं की मौत हो चुकी है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को जानकारी नहीं होने पर जमकर लताड़ लगाई। सरकार द्वारा जननी सरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को वाहन सुविधा नहीं देने पर रोष जताते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। उन्होंने आरबीएसके टीम की ओर से निर्धारित तिथि पर अमोठा, सोगना व माल्यागांव सहित कम छात्र संख्या वाले स्कूलों में बाल स्वास्थ्य की जांच नहीं करने पर स्पष्टीकरण मांगा। बैठक में शिक्षा और महिला व बाल विकास विभाग के मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर एसीएमओ डा. ओपी आर्य, सीएमएस डा. डीसी समवाल, डीपीओ धर्मवीर सिंह आदि मौजूद थे।
जिला सभागार में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला व बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि जिला अस्पताल सहित जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में रात के समय आपातकाल ड्यूटी में लापरवाही की शिकायतें मिली हैं। औचक निरीक्षण में अगर कोई गायब मिला तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया कि समय पर उपचार के अभाव में इस वर्ष 4 बच्चे व 2 महिलाओं की मौत हो चुकी है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को जानकारी नहीं होने पर जमकर लताड़ लगाई। सरकार द्वारा जननी सरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को वाहन सुविधा नहीं देने पर रोष जताते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। उन्होंने आरबीएसके टीम की ओर से निर्धारित तिथि पर अमोठा, सोगना व माल्यागांव सहित कम छात्र संख्या वाले स्कूलों में बाल स्वास्थ्य की जांच नहीं करने पर स्पष्टीकरण मांगा। बैठक में शिक्षा और महिला व बाल विकास विभाग के मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर एसीएमओ डा. ओपी आर्य, सीएमएस डा. डीसी समवाल, डीपीओ धर्मवीर सिंह आदि मौजूद थे।
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