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केदारनाथ में ठहर सकेंगे 800 तीर्थयात्री
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चारधाम यात्रा की अनुमति मिलने के साथ ही प्रशासन ने यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर खाका बनाना शुरू कर दिया है। पैदल मार्ग से केदारनाथ तक बिजली, पानी व संचार सेवा दुरुस्त रखने के साथ ही यात्रियों के भोजन व प्रवास की उचित व्यवस्था समयबद्ध की जाएगी। डीएम ने यात्रा से जुड़े विभागों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं।
हाईकोर्ट के आदेशानुसार केदारनाथ में एक दिन में 800 श्रद्धालुओं के जाने व ठहरने को कहा गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों के रहने व भोजन की उचित व्यवस्था की बात कही है। एमआई-17 हेलीपैड पर टेंट कॉलोनी स्थापित की जाएगी, जिसमें यात्री रात्रि प्रवास कर सकेंगे। साथ ही तीर्थपुरोहितों के भवनों पर भी श्रद्धालुओं के ठहरने के इंतजाम किए जाएंगे। यात्रियों के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग दो-तीन दिनों में ड्यूटी लगा दी जाएगी। इसके अलावा गौरीकुंड से केदारनाथ तक एमआरपी (मेडिकल रिलीफ पोस्ट) पर भी यात्रियों के लिए प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी दवा, उपकरण उपलब्ध रहेंगे। पैदल मार्ग पर ढाबा का संचालन के साथ ही केदारनाथ में जीएमवीएन कैंटीन संचालित करेगा। डीएम मयूर गोयल ने बताया कि रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे को 24 घंटे खुला रखने और प्रभावित स्थानों पर सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने एनएच को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। एनएच के ईई केएस असवाल ने बताया कि वे जल्द हाईवे का स्थलीय निरीक्षण कर जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
35 दुकानों का होगा संचालन
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रा के लिए ऊखीमठ तहसील प्रशासन बीते अप्रैल में ही लॉटरी के जरिए 35 दुकानों का आवंटन कर चुका है। यात्रा अनुमति मिलने के बाद से ये सभी दुकानदार अपने-अपने तय स्थानों पर दुकान/ढाबा संचालन के लिए तैयारियों में जुट गए हैं। पैदल मार्ग पर करीब 10 स्थायी दुकानें पहले से उपलब्ध हैं।
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हाईकोर्ट के आदेशानुसार केदारनाथ में एक दिन में 800 श्रद्धालुओं के जाने व ठहरने को कहा गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों के रहने व भोजन की उचित व्यवस्था की बात कही है। एमआई-17 हेलीपैड पर टेंट कॉलोनी स्थापित की जाएगी, जिसमें यात्री रात्रि प्रवास कर सकेंगे। साथ ही तीर्थपुरोहितों के भवनों पर भी श्रद्धालुओं के ठहरने के इंतजाम किए जाएंगे। यात्रियों के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग दो-तीन दिनों में ड्यूटी लगा दी जाएगी। इसके अलावा गौरीकुंड से केदारनाथ तक एमआरपी (मेडिकल रिलीफ पोस्ट) पर भी यात्रियों के लिए प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी दवा, उपकरण उपलब्ध रहेंगे। पैदल मार्ग पर ढाबा का संचालन के साथ ही केदारनाथ में जीएमवीएन कैंटीन संचालित करेगा। डीएम मयूर गोयल ने बताया कि रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे को 24 घंटे खुला रखने और प्रभावित स्थानों पर सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने एनएच को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। एनएच के ईई केएस असवाल ने बताया कि वे जल्द हाईवे का स्थलीय निरीक्षण कर जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
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35 दुकानों का होगा संचालन
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रा के लिए ऊखीमठ तहसील प्रशासन बीते अप्रैल में ही लॉटरी के जरिए 35 दुकानों का आवंटन कर चुका है। यात्रा अनुमति मिलने के बाद से ये सभी दुकानदार अपने-अपने तय स्थानों पर दुकान/ढाबा संचालन के लिए तैयारियों में जुट गए हैं। पैदल मार्ग पर करीब 10 स्थायी दुकानें पहले से उपलब्ध हैं।
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