{"_id":"5a4d0c0a4f1c1b4f198b4a56","slug":"61514998794-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज, जिले के आखिरी गांव गौंडार पहंचेंगे अष्ट भैरव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज, जिले के आखिरी गांव गौंडार पहंचेंगे अष्ट भैरव
Updated Wed, 03 Jan 2018 10:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ऊखीमठ। भगवान अष्ट भैरव की महाजात मद्महेश्वर घाटी के उनियाणा गांव पहुंची। यहां भक्तों ने आराध्य का भव्य स्वागत किया। बृहस्पतिवार को यात्रा जनपद के अंतिम गांव गौंडार पहुंचेगी।
12 दिसंबर से शुरू हुई अष्ट भैरव की यात्रा अगस्त्यमुनि व ऊखीमठ ब्लाक के 28 गांवों का भ्रमण कर चुकी है। बुधवार महाजात देवी-देवताओं के निषाणों के साथ उनियाणा गांव पहुंची। यहां ग्रामीणों ने भगवान को अर्घ्य लगाकर पूजा-अर्चना की। रात्रि को गांव में जागरण का आयोजन किया गया। यात्रा के संयोजक व पूर्व प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद भट्ट ने बताया कि 41 दिवसीय महाजात मद्महेश्वर और कालीमठ घाटी के गांवों का भ्रमण कर 21 जनवरी को संपन्न होगी। यात्रा में 90 देवरा यात्री एवं देवी-देवताओं के पश्वा साथ चल हे हैं। समिति के अध्यक्ष एवं देव पश्वा दीपक ने बताया कि अष्ट भैरव की डोली के साथ महाकाली, चामुंडा देवी, गौंडा भैरव, जय-विजय, चणांक देवता, कैलाश देवता, भुकंड भैरव, हीत देवता, उफरेई देवता, घंडियाल देवता, शनि देवी और हनुमान के निषाण साथ चल रहे हैं। इस मौके पर बलवंत सिंह, राजपाल राणा, पृथ्वी बर्त्वाल, अव्वल सिंह राणा व मदन सिंह पंवार आदि मौजूद थे।
12 दिसंबर से शुरू हुई अष्ट भैरव की यात्रा अगस्त्यमुनि व ऊखीमठ ब्लाक के 28 गांवों का भ्रमण कर चुकी है। बुधवार महाजात देवी-देवताओं के निषाणों के साथ उनियाणा गांव पहुंची। यहां ग्रामीणों ने भगवान को अर्घ्य लगाकर पूजा-अर्चना की। रात्रि को गांव में जागरण का आयोजन किया गया। यात्रा के संयोजक व पूर्व प्रमुख लक्ष्मी प्रसाद भट्ट ने बताया कि 41 दिवसीय महाजात मद्महेश्वर और कालीमठ घाटी के गांवों का भ्रमण कर 21 जनवरी को संपन्न होगी। यात्रा में 90 देवरा यात्री एवं देवी-देवताओं के पश्वा साथ चल हे हैं। समिति के अध्यक्ष एवं देव पश्वा दीपक ने बताया कि अष्ट भैरव की डोली के साथ महाकाली, चामुंडा देवी, गौंडा भैरव, जय-विजय, चणांक देवता, कैलाश देवता, भुकंड भैरव, हीत देवता, उफरेई देवता, घंडियाल देवता, शनि देवी और हनुमान के निषाण साथ चल रहे हैं। इस मौके पर बलवंत सिंह, राजपाल राणा, पृथ्वी बर्त्वाल, अव्वल सिंह राणा व मदन सिंह पंवार आदि मौजूद थे।
विज्ञापन