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कभी भी जमींदोज हो सकता प्रावि क्यार्क-बरसूड़ी का भवन
Updated Tue, 31 Jul 2018 10:29 PM IST
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रुद्रप्रयाग। बसुकेदार तहसील के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय क्यार्क-बरसूड़ी के भवन की छत और दीवारें जर्जर हो चुकी हैं। बारिश का पानी कक्षा-कक्षों व बरामदे में घुस रहा है, जिससे भवन कभी भी जमींदोज होने का खतरा बना है। स्थिति यह है कि बरसात में खतरे के साए में और अन्य दिनों में खुले आसमान के नीचे ही शिक्षक बच्चों को पढ़ाते हैं। ग्रामीणों ने स्कूल भवन के पुनर्निर्माण की मांग की।
44 छात्र संख्या वाले इस विद्यालय के भवन की छत दोनों तरफ से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। कक्षा-कक्षों में सिमेंट की परत झड़ रही है, जिससे बच्चों को खतरा बना हुआ है। खिड़की-दरवाजे अपनी जगहें छोड़ चुके हैं। प्रधानाध्यापिका विजया चमोला व सहायक शिक्षक दीपक भट्ट ने बताया कि विद्यालय की जर्जर स्थिति के कारण बरसात में कक्षाओं का संचालन करना मुश्किल हो रहा है। ग्राम प्रधान हर्षिला देवी, पूर्व प्रधान इंद्रसिंह चौहान, एसएमसी अध्यक्ष विजय कठैत ने बताया कि बीडीसी व तहसील दिवस में विद्यालय की स्थिति से अधिकारियों को कई अवगत कराया जा चुका है, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है। भवन के जर्जर होने के कारण बीते तीन शिक्षण सत्रों में यहां छात्र संख्या 68 से घटकर 24 पर पहुंच गई है। डीईओ बेसिक डा. विद्याशंकर चतुर्वेदी ने बताया कि जिले में प्राथमिक व जूनियर भवनों की बीईओ से जानकारी मांगी गई है। उसके बाद ही स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण और मरम्मत को लेकर प्रस्ताव तैयार कर अलग-अलग मदों में शासन को भेजे जाएंगे।
44 छात्र संख्या वाले इस विद्यालय के भवन की छत दोनों तरफ से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। कक्षा-कक्षों में सिमेंट की परत झड़ रही है, जिससे बच्चों को खतरा बना हुआ है। खिड़की-दरवाजे अपनी जगहें छोड़ चुके हैं। प्रधानाध्यापिका विजया चमोला व सहायक शिक्षक दीपक भट्ट ने बताया कि विद्यालय की जर्जर स्थिति के कारण बरसात में कक्षाओं का संचालन करना मुश्किल हो रहा है। ग्राम प्रधान हर्षिला देवी, पूर्व प्रधान इंद्रसिंह चौहान, एसएमसी अध्यक्ष विजय कठैत ने बताया कि बीडीसी व तहसील दिवस में विद्यालय की स्थिति से अधिकारियों को कई अवगत कराया जा चुका है, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है। भवन के जर्जर होने के कारण बीते तीन शिक्षण सत्रों में यहां छात्र संख्या 68 से घटकर 24 पर पहुंच गई है। डीईओ बेसिक डा. विद्याशंकर चतुर्वेदी ने बताया कि जिले में प्राथमिक व जूनियर भवनों की बीईओ से जानकारी मांगी गई है। उसके बाद ही स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण और मरम्मत को लेकर प्रस्ताव तैयार कर अलग-अलग मदों में शासन को भेजे जाएंगे।
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