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अलकनंदा नदी पर 75 वर्ष पुराना कोटेश्वर झूला पुल ध्वस्त
Updated Fri, 27 Jul 2018 10:28 PM IST
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रुद्रप्रयाग। कोटेश्वर में अलकनंदा नदी पर बना वर्षों पुराना झूला पुल टूट गया, जिससे क्षेत्र के 10 से अधिक गांवों का कोटेश्वर मंदिर से संपर्क टूट गया है। अब ग्रामीणों को बदरीनाथ हाईवे के रास्ते बाजार घूमकर यहां पहुंचना होगा। जिले में यह सबसे अधिक ऊंचाई वाला पुल था।
बुधवार रात मूलसाधार बारिश से पुल के एक तरफ भूस्खलन हो गया, जिससे एबेडमेंट भी ढह गया। इससे पुल का एक हिस्सा टूटकर अलकनंदा नदी किनारे पड़ा है। इस पुल से तल्लानागपुर के बेला, खुरड़, कमेड़ा, गंधारी सहित दर्जनभर गांव जो ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे से जुड़ते थे। वहीं, धनपुर पट्टी के लमेरी, सुमरेपुर, तिलणी सहित 10 से अधिक गांवों का कोटेश्वर मंदिर से सीधा संपर्क होता था। लेकिन अब इन सभी गांवों के लोगों को 8 से 12 किमी घूमकर जाना होगा। खुरड़ निवासी रमेश प्रसाद गैरोला बताते हैं कि पुल का निर्माण आजादी से करीब 20 वर्ष पहले का था। तब, यह पुल पूरे क्षेत्र के आवागमन का मुख्य साधन था। नगर पालिका के निवर्तमान सभासद पंकज बुटोला का कहना है कि प्रशासन व लोक निर्माण विभाग को बीत चार वर्ष से पुल की मरम्मत के लिए कई बार कहा गया। लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। विधायक भरत सिंह चौधरी ने बताया कि कोटेश्वर झूला पुल का यथाशीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए दस लाख रुपये घोषित किए जा चुके हैं। निर्माण में जो भी बजट लगेगा उसे उपलब्ध कराया जाएगा।
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बुधवार रात मूलसाधार बारिश से पुल के एक तरफ भूस्खलन हो गया, जिससे एबेडमेंट भी ढह गया। इससे पुल का एक हिस्सा टूटकर अलकनंदा नदी किनारे पड़ा है। इस पुल से तल्लानागपुर के बेला, खुरड़, कमेड़ा, गंधारी सहित दर्जनभर गांव जो ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे से जुड़ते थे। वहीं, धनपुर पट्टी के लमेरी, सुमरेपुर, तिलणी सहित 10 से अधिक गांवों का कोटेश्वर मंदिर से सीधा संपर्क होता था। लेकिन अब इन सभी गांवों के लोगों को 8 से 12 किमी घूमकर जाना होगा। खुरड़ निवासी रमेश प्रसाद गैरोला बताते हैं कि पुल का निर्माण आजादी से करीब 20 वर्ष पहले का था। तब, यह पुल पूरे क्षेत्र के आवागमन का मुख्य साधन था। नगर पालिका के निवर्तमान सभासद पंकज बुटोला का कहना है कि प्रशासन व लोक निर्माण विभाग को बीत चार वर्ष से पुल की मरम्मत के लिए कई बार कहा गया। लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। विधायक भरत सिंह चौधरी ने बताया कि कोटेश्वर झूला पुल का यथाशीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए दस लाख रुपये घोषित किए जा चुके हैं। निर्माण में जो भी बजट लगेगा उसे उपलब्ध कराया जाएगा।
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