{"_id":"579a3fe64f1c1b6b6e21df8e","slug":"26-roads-interrupted-by-rain","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से 26 सड़कें बाधित ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से 26 सड़कें बाधित
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Thu, 28 Jul 2016 10:54 PM IST
विज्ञापन
रुद्रप्रयाग जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे इन दिनों इस तरह से गाड़-गदेरों को पार कर स्कूल पहुंच रहे हैं। जखोली ब्लाक के घंघासू में बरसाती गदेरे को पार कर स्कूल को जाती छात्राएं।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीती दो रातों को हुई मूसलाधार बारिश से जिले में 26 और संपर्क सड़कें बाधित हो गई हैं। संपर्क मार्गों के बंद होने से गांवों का बाजार से संपर्क कट गया है। मंगलवार और बुधवार रात्रि को हुई तेज बारिश से लोक निर्माण विभाग के 14 और अन्य कार्यदायी संस्थाओं की 12 संपर्क सड़कें बंद हो गई हैं। जबकि 24 सड़कें पहले से बंद पड़ी थी।
विज्ञापन
रैंतोली-जसोली मार्ग जहां पंचभैयाखाल के सामने 50 मीटर से अधिक ध्वस्त हो है। वहीं जखनोली-कुरछोला मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क एक फुट चौड़ी भी नहीं रह गई है। उधर, गुप्तकाशी-कालीमठ मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन व भू-धंसाव जारी है।
विज्ञापन
पांच घंटे बंद रहा ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग
बृहस्पतिवार को ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग सिरोहबगड़ में पांच घंटे बंद रहा। तेज बारिश से यहां पर भारी मलबा सड़क में एकत्रित हो गया था। एनएच द्वारा दो मशीनों की मदद से मलबा साफ कर प्रात: 11 बजे यातायात बहाल किया गया। वहीं रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच तीसरे दिन भी बंद रहा।
विज्ञापन
बरसाती नाले पार कर जा रहे स्कूल
रुद्रप्रयाग। लगातार हो रही बारिश से जिले में बहने वाले गदेरों के साथ बरसाती नाले भी उफान पर बह रहे हैं। कई स्थानों पर पैदल रास्तों व सड़क पर बह रहे है। इन हालात में जखोली ब्लाक के कैलश-बंगार क्षेत्र के स्कूली बच्चे सड़क पर बह रहे बरसाती नाली को पार कर स्कूल जाने को विवश हैं।
बच्छणस्यूं पट्टी के कई गांवों के बच्चे भी बरसाती नालों को पार कर जीआईसी बरसूड़ी, बाड़ा और टैठी पढ़ने पहुंच रहे हैं। अगस्त्यमुनि ब्लाक के दूरस्थ गांवों में भी यही स्थिति बनी हुई है।