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रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर कीचड़ व भूस्खलन बना नई मुसीबत
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रुद्रप्रयाग। चारधाम विकास परियोजना के तहत निर्माणाधीन रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग बदहाल बना हुआ है। जगह-जगह पर कीचड़ से वाहनों की आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं। वहीं, भूस्खलन जोन के सक्रिय होने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
76 किमी लंबे राजमार्ग की तिलवाड़ा से सोनप्रयाग तक अति संवेदनशील बना हुआ है। डोलिया मंदिर के समीप भूस्खलन जोन सक्रिय हैं। यहां हल्की बारिश में भी पहाड़ी से मलबा व बोल्डर गिर रहे हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है। अगर, यही स्थिति रही तो आगामी यात्राकाल में एनएच सहित प्रशासन के लिए यात्रा का नियमित संचालन करना मुश्किल भरा हो सकता है, क्योंकि खाट गांव में हाईवे की स्थिति दयनीय हो चुकी है। यहां पर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के साथ ही निचली तरफ से भी भूधंसाव हो रहा है। आपदा के बाद से यहां कई बार सड़क ध्वस्त हो चुकी है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के बजाय एनएच ऊपरी तरफ से कटान कर कामचलाऊ व्यवस्था करता आ रहा है। ऐसे में खाट गांव के लिए खतरा पैदा हो रहा है। तिलवाड़ा के पास भी हाईवे पर करीब 200 मीटर हिस्से में भूस्खलन जोन बना है, जो हल्की बारिश में सक्रिय हो रहा है। दूसरी ओर, नारायणकोटी से सोनप्रयाग तक लगभग 25 किमी क्षेत्र भी दयनीय बना हुआ है। इधर, एनएच के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि यात्रा शुरू होने तक हाईवे को काफी हद तक दुरुस्त कर लिया जाएगा। मौसम ने साथ दिया तो जिन-जिन जगहों पर चौड़ीकरण सहित अन्य कार्य पूरे हो गए हैं, वहां हॉटमिक्स भी कर दिया जाएगा।
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76 किमी लंबे राजमार्ग की तिलवाड़ा से सोनप्रयाग तक अति संवेदनशील बना हुआ है। डोलिया मंदिर के समीप भूस्खलन जोन सक्रिय हैं। यहां हल्की बारिश में भी पहाड़ी से मलबा व बोल्डर गिर रहे हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है। अगर, यही स्थिति रही तो आगामी यात्राकाल में एनएच सहित प्रशासन के लिए यात्रा का नियमित संचालन करना मुश्किल भरा हो सकता है, क्योंकि खाट गांव में हाईवे की स्थिति दयनीय हो चुकी है। यहां पर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के साथ ही निचली तरफ से भी भूधंसाव हो रहा है। आपदा के बाद से यहां कई बार सड़क ध्वस्त हो चुकी है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के बजाय एनएच ऊपरी तरफ से कटान कर कामचलाऊ व्यवस्था करता आ रहा है। ऐसे में खाट गांव के लिए खतरा पैदा हो रहा है। तिलवाड़ा के पास भी हाईवे पर करीब 200 मीटर हिस्से में भूस्खलन जोन बना है, जो हल्की बारिश में सक्रिय हो रहा है। दूसरी ओर, नारायणकोटी से सोनप्रयाग तक लगभग 25 किमी क्षेत्र भी दयनीय बना हुआ है। इधर, एनएच के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि यात्रा शुरू होने तक हाईवे को काफी हद तक दुरुस्त कर लिया जाएगा। मौसम ने साथ दिया तो जिन-जिन जगहों पर चौड़ीकरण सहित अन्य कार्य पूरे हो गए हैं, वहां हॉटमिक्स भी कर दिया जाएगा।
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