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केदारघाटी के ल्वारा गांव में द्रोपदी चीर हरण आज
Updated Thu, 14 Dec 2017 10:46 PM IST
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गुप्तकाशी/अगस्त्यमुनि। केदारघाटी के ग्राम पंचायत ल्वारा में 15 वर्ष बाद हो रहे पांडव नृत्य में शुक्रवार को द्रोपदी चीर हरण का मंचन किया जाएगा। एक माह तक आयोजित अनुष्ठान 2 जनवरी को संपन्न होगा।
दो दिसंबर से शुरू हुए पांडव नृत्य में ल्वारा गांव के प्रवासी व ध्याणियां भी परिवार सहित शामिल रही हैं। 28 दिसंबर को यहां चक्रव्यूह का मंचन होना है। इसके लिए समिति की ओर से सभी सगे-संबंधियों, रिश्तेदार, ध्याणियों व प्रवासियों को आमंत्रित किया गया है। समिति के अध्यक्ष रामेश्वर शुक्ला सहित देवी प्रसाद बगवाड़ी, महेश प्रसाद बगवाड़ी ने बताया कि क्षेत्र व गांव की सुख-समृद्धि के लिए पांडव नृत्य का आयोजन किया जा रहा है। इधर, अगस्त्यमुनि ब्लाक के क्यूंजा घाटी के कोंथा गांव में पांडव नृत्य के तहत 14 दिसंबर को चक्रव्यूह का मंचन किया गया। इस दौरान अभिमन्यु सहित अन्य पात्रों का अभिनय सराहनीय रहा। दूसरी तरफ रुद्रप्रयाग के पुनाड़ गांव में पांडव 9वें दिन महाभारत की विभिन्न विधाओं का का गायन व नृत्य के माध्यम से मंचन किया गया। अध्यक्ष महेश चंद्र ड्यूंड़ी ने बताया दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंच रहे लोगों के भोजन व ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। 22 दिसंबर को आयोजन संपन्न होगा।
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दो दिसंबर से शुरू हुए पांडव नृत्य में ल्वारा गांव के प्रवासी व ध्याणियां भी परिवार सहित शामिल रही हैं। 28 दिसंबर को यहां चक्रव्यूह का मंचन होना है। इसके लिए समिति की ओर से सभी सगे-संबंधियों, रिश्तेदार, ध्याणियों व प्रवासियों को आमंत्रित किया गया है। समिति के अध्यक्ष रामेश्वर शुक्ला सहित देवी प्रसाद बगवाड़ी, महेश प्रसाद बगवाड़ी ने बताया कि क्षेत्र व गांव की सुख-समृद्धि के लिए पांडव नृत्य का आयोजन किया जा रहा है। इधर, अगस्त्यमुनि ब्लाक के क्यूंजा घाटी के कोंथा गांव में पांडव नृत्य के तहत 14 दिसंबर को चक्रव्यूह का मंचन किया गया। इस दौरान अभिमन्यु सहित अन्य पात्रों का अभिनय सराहनीय रहा। दूसरी तरफ रुद्रप्रयाग के पुनाड़ गांव में पांडव 9वें दिन महाभारत की विभिन्न विधाओं का का गायन व नृत्य के माध्यम से मंचन किया गया। अध्यक्ष महेश चंद्र ड्यूंड़ी ने बताया दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंच रहे लोगों के भोजन व ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। 22 दिसंबर को आयोजन संपन्न होगा।
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