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पर्यटक अपने साथ ले जा रहे प्लास्टिक कचरे को ला रहे वापस
Updated Wed, 12 Dec 2018 09:11 PM IST
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रुद्रप्रयाग। मध्य हिमालय के बुग्यालों और रमणीक स्थलों को प्लास्टिक/पॉलिथीन कचरामुक्त बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस और वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अब चोपता, दुगलबिट्टा पहुंच रहे पर्यटक साथ ले जाए गए प्लास्टिक कचरे को वापस ला रहे हैं। बीते एक माह में यहां 650 से अधिक पर्यटक पहुंचे हैं, जो प्लास्टिक कचरे को भी वापस लाए हैं।
जनपद की ऊखीमठ तहसील के अंतर्गत सेंचुरी क्षेत्र में समुद्रतल से नौ हजार से 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित चोपता, दुगलबिट्टा व बनियाकुंड सहित तृतीय केदार तुंगनाथ और चंद्रशिला को प्लास्टिक कचरामुक्त करने के लिए जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग व केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की मुहिम रंग लाने लगी है। चोपता में स्थापित चौकी में विभाग द्वारा पीआरडी के जवानों के सहयोग से यहां पहुंच रहे पर्यटकों/ट्रेकरों के बैगों की चेकिंग की जा रही है। पर्यटकों द्वारा साथ लाई जा रही पानी व जूस की प्लास्टिक बोतल के साथ ही कुरकुरे, चिप्स, टॉफी, चॉकलेट, बिस्कुट सहित अन्य पैकेट बंद वस्तुओं की गिनती कर रजिस्टर में नाम सहित दर्ज किया जा रहा है। प्रत्येक सामग्री का संबंधित पर्यटक से पांच सौ रुपये तक शुल्क लिया जा रहा है। यह राशि पर्यटक द्वारा प्लास्टिक कचरा वापस लाने पर लौटाई जा रही है। बीते 31 अक्तूबर से शुरू हुई इस कार्रवाई में वन विभाग व प्रशासन को पर्यटकों द्वारा भी सहयोग मिल रहा है। तब से अभी तक चोपता, दुगलबिट्टा, तुंगनाथ से चंद्रशिला तक पहुंचे देश-विदेश के पर्यटक साथ में ले जाए गए प्लास्टिक को सामान वापस लाए हैं। बता दें कि बीते 22 सितंबर को डीएम मंगेश घिल्डियाल ने तुंगनाथ-चंद्रशिला मार्ग पर सफाई अभियान चलाया था। तब, उन्होंने इस क्षेत्र को प्लास्टिक कचरा से पर्यटकों द्वारा साथ लाने वाले कचरे को वापस लाने के लिए ठोस कार्रवाई की बात कही थी।
रिसेप्शन कक्ष बनेगा
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग चोपता में जल्द ही रिसेप्शन कक्ष का निर्माण करेगा। यहां पर पर्यटकों को तृतीय केदार तुंगनाथ, चंद्रशिला सहित अन्य पर्यटक स्थलों की जानकारी भी मुहैया कराई जा रही है।
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कूड़े का होगा निस्तारण
रुद्रप्रयाग। चोपता में पर्यटकों द्वारा वापस लाए जा रहे प्लास्टिक कूड़ा-कचरे का उचित निस्तारण किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में यहां जैविक विधि से कूड़े को मिट्टी में दबाकर नष्ट किया जाएगा।
इनका कहना है --
मध्य हिमालय को प्लास्टिक व कचरा मुक्त करने के लिए चोपता से बीते 31 अक्तूबर से कार्रवाई का विधिवत रूप से संचालन किया जा रहा है। यहां पर विभाग के तीन कर्मचारी और पीआरडी के तीन जवान तैनात हैं। पर्यटकों से भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। आने वाले दिनों में इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।
-अमित कंवर, डीएफओ, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग, गोपेश्वर/चमोली
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जनपद की ऊखीमठ तहसील के अंतर्गत सेंचुरी क्षेत्र में समुद्रतल से नौ हजार से 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित चोपता, दुगलबिट्टा व बनियाकुंड सहित तृतीय केदार तुंगनाथ और चंद्रशिला को प्लास्टिक कचरामुक्त करने के लिए जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग व केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की मुहिम रंग लाने लगी है। चोपता में स्थापित चौकी में विभाग द्वारा पीआरडी के जवानों के सहयोग से यहां पहुंच रहे पर्यटकों/ट्रेकरों के बैगों की चेकिंग की जा रही है। पर्यटकों द्वारा साथ लाई जा रही पानी व जूस की प्लास्टिक बोतल के साथ ही कुरकुरे, चिप्स, टॉफी, चॉकलेट, बिस्कुट सहित अन्य पैकेट बंद वस्तुओं की गिनती कर रजिस्टर में नाम सहित दर्ज किया जा रहा है। प्रत्येक सामग्री का संबंधित पर्यटक से पांच सौ रुपये तक शुल्क लिया जा रहा है। यह राशि पर्यटक द्वारा प्लास्टिक कचरा वापस लाने पर लौटाई जा रही है। बीते 31 अक्तूबर से शुरू हुई इस कार्रवाई में वन विभाग व प्रशासन को पर्यटकों द्वारा भी सहयोग मिल रहा है। तब से अभी तक चोपता, दुगलबिट्टा, तुंगनाथ से चंद्रशिला तक पहुंचे देश-विदेश के पर्यटक साथ में ले जाए गए प्लास्टिक को सामान वापस लाए हैं। बता दें कि बीते 22 सितंबर को डीएम मंगेश घिल्डियाल ने तुंगनाथ-चंद्रशिला मार्ग पर सफाई अभियान चलाया था। तब, उन्होंने इस क्षेत्र को प्लास्टिक कचरा से पर्यटकों द्वारा साथ लाने वाले कचरे को वापस लाने के लिए ठोस कार्रवाई की बात कही थी।
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रिसेप्शन कक्ष बनेगा
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग चोपता में जल्द ही रिसेप्शन कक्ष का निर्माण करेगा। यहां पर पर्यटकों को तृतीय केदार तुंगनाथ, चंद्रशिला सहित अन्य पर्यटक स्थलों की जानकारी भी मुहैया कराई जा रही है।
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कूड़े का होगा निस्तारण
रुद्रप्रयाग। चोपता में पर्यटकों द्वारा वापस लाए जा रहे प्लास्टिक कूड़ा-कचरे का उचित निस्तारण किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में यहां जैविक विधि से कूड़े को मिट्टी में दबाकर नष्ट किया जाएगा।
इनका कहना है --
मध्य हिमालय को प्लास्टिक व कचरा मुक्त करने के लिए चोपता से बीते 31 अक्तूबर से कार्रवाई का विधिवत रूप से संचालन किया जा रहा है। यहां पर विभाग के तीन कर्मचारी और पीआरडी के तीन जवान तैनात हैं। पर्यटकों से भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। आने वाले दिनों में इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।
-अमित कंवर, डीएफओ, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग, गोपेश्वर/चमोली