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गौरीकुंड से केदारनाथ तक बनाए पर्याप्त स्थायी शौचालय: सीएस
Updated Mon, 17 Dec 2018 09:59 PM IST
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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लेने पहुंचे मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने कहा कि केदारनाथ में मंदाकिनी नदी पर सुरक्षा दीवार निर्माण के बाद जो जमीन बचेगी, उस पर तीर्थ पुरोहितों के लिए भवन और बाजार को विकसित किया जाएगा। उन्होंने डीडीएमए (जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) लोनिवि को गौरीकुंड से केदारनाथ तक पर्याप्त स्थायी शौचालय निर्माण के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षा कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए मजदूरों की संख्या बढ़ाने को भी कहा। मुख्य सचिव के साथ पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर व डीएम मंगेश घिल्डियाल पहुंचे।
सोमवार को मुख्य सचिव अन्य अधिकारियों के साथ केदारनाथ पहुंचे। उन्होंने केदारनाथ मंदिर के पश्चिमी द्वारा के समीप रिप्लिका से आस्था पथ पर सिंचाई विभाग को रेन सेल्टर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही डीडीएमएए को गरूड़चट्टी को केदारनाथ से लिंक करने के लिए मंदाकिनी नदी पर प्रस्तावित 60 मीटर स्पान पुल का कार्य शीघ्र शुरू कर समय पर पूरा करने को कहा। उन्होंने चबुतरे के चौड़ीकरण व 50 फुट रास्ते के लिए तोड़े गए पांच आवासीय भवनों का निर्माण शीतकाल में पूरा करने, शंकराचार्य समाधि स्थल के कार्य को आगामी यात्रा तक पूरा करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा मंदाकिनी नदी पर सुरक्षा कार्यों में तेजी के साथ ही तीर्थ पुरोहितों के लिए 70 भवनों का निर्माण समय पर करने को कहा। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने डीडीएमए को केदारनाथ में 5 सरकारी भवनों की मरम्मत के साथ ही सेंट्रल प्लाजा के 9 भवनों के प्रभावितों को सरकारी आवास हस्तांतरित करने के लिए कहा, जिससे तीर्थ पुरोहितों का पुनर्वास किया जा सके। इस मौके पर एसडीएम गोपाल सिंह चौहान, सुनील कुमार, प्रवीन कर्णवाल, जिंदल ग्रुप के सीईओ संदीप गोखले, वास्तुविद् निकुल शाह, अनिल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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विनय
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सोमवार को मुख्य सचिव अन्य अधिकारियों के साथ केदारनाथ पहुंचे। उन्होंने केदारनाथ मंदिर के पश्चिमी द्वारा के समीप रिप्लिका से आस्था पथ पर सिंचाई विभाग को रेन सेल्टर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही डीडीएमएए को गरूड़चट्टी को केदारनाथ से लिंक करने के लिए मंदाकिनी नदी पर प्रस्तावित 60 मीटर स्पान पुल का कार्य शीघ्र शुरू कर समय पर पूरा करने को कहा। उन्होंने चबुतरे के चौड़ीकरण व 50 फुट रास्ते के लिए तोड़े गए पांच आवासीय भवनों का निर्माण शीतकाल में पूरा करने, शंकराचार्य समाधि स्थल के कार्य को आगामी यात्रा तक पूरा करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा मंदाकिनी नदी पर सुरक्षा कार्यों में तेजी के साथ ही तीर्थ पुरोहितों के लिए 70 भवनों का निर्माण समय पर करने को कहा। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने डीडीएमए को केदारनाथ में 5 सरकारी भवनों की मरम्मत के साथ ही सेंट्रल प्लाजा के 9 भवनों के प्रभावितों को सरकारी आवास हस्तांतरित करने के लिए कहा, जिससे तीर्थ पुरोहितों का पुनर्वास किया जा सके। इस मौके पर एसडीएम गोपाल सिंह चौहान, सुनील कुमार, प्रवीन कर्णवाल, जिंदल ग्रुप के सीईओ संदीप गोखले, वास्तुविद् निकुल शाह, अनिल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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