{"_id":"5a5252f24f1c1b1c198b561b","slug":"181515344626-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"केदारनाथ आपदा प्रभावित व्यापारियों को साढ़े चार वर्ष बाद भी मुआवजे का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केदारनाथ आपदा प्रभावित व्यापारियों को साढ़े चार वर्ष बाद भी मुआवजे का इंतजार
Updated Sun, 07 Jan 2018 10:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ आपदा के साढ़े चार वर्ष बाद भी 1447 प्रभावित व्यापारियों को मुआवजा नहीं मिल पाया है। कई प्रभावित आज तक नहीं उभर पाए हैं। बावजूद शासन, प्रशासन इनकी सुध नहीं ले रहा है।
16/17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा में केदारघाटी के व्यापारी भी व्यापक रूप से प्रभावित हुए। राजस्व पुलिस के सर्वेक्षण में 2909 व्यापारियों को चिह्नित किया गया। 1462 को अहेतुक राशि सहित मुआवजा भी दिया गया। जबकि 465 प्रभावितों को मात्र 40 फीसदी मुआवजा दिया गया, लेकिन 982 को आज तक एक रुपये की मदद नहीं मिली। केदारनाथ व्यापार संघ के अध्यक्ष महेश प्रसाद बगवाड़ी, प्रेम सिंह सजवाण, शिव प्रसाद बगवाड़ी, कुंवर सिंह, देवी प्रसाद गोस्वामी आदि का कहना है कि कहना है कि मुआवजे से वंचित 982 प्रभावित व्यापारियों का ऊखीमठ तहसील द्वारा सत्यापन किया जा चुका है। जबकि 553 को अनुपूरक सूची में शामिल किया गया। बावजूद मुआवजा नहीं मिल पाया है। इन हालात में घर, परिवार की जिम्मेदारी सहित नौनिहालों के पढ़ाई में दिक्कतें आ रही हैं। कई लोगों पर कर्जा भी हो चुका है। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि प्रभावित व्यापारियों को अहेतुक राशि व मुआवजा को लेकर पूर्व में भी प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। किन कारणों से मुआवजा नहीं मिला, इसके बारे में तहसील प्रशासन से जानकारी लेकर पुन: प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
16/17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा में केदारघाटी के व्यापारी भी व्यापक रूप से प्रभावित हुए। राजस्व पुलिस के सर्वेक्षण में 2909 व्यापारियों को चिह्नित किया गया। 1462 को अहेतुक राशि सहित मुआवजा भी दिया गया। जबकि 465 प्रभावितों को मात्र 40 फीसदी मुआवजा दिया गया, लेकिन 982 को आज तक एक रुपये की मदद नहीं मिली। केदारनाथ व्यापार संघ के अध्यक्ष महेश प्रसाद बगवाड़ी, प्रेम सिंह सजवाण, शिव प्रसाद बगवाड़ी, कुंवर सिंह, देवी प्रसाद गोस्वामी आदि का कहना है कि कहना है कि मुआवजे से वंचित 982 प्रभावित व्यापारियों का ऊखीमठ तहसील द्वारा सत्यापन किया जा चुका है। जबकि 553 को अनुपूरक सूची में शामिल किया गया। बावजूद मुआवजा नहीं मिल पाया है। इन हालात में घर, परिवार की जिम्मेदारी सहित नौनिहालों के पढ़ाई में दिक्कतें आ रही हैं। कई लोगों पर कर्जा भी हो चुका है। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि प्रभावित व्यापारियों को अहेतुक राशि व मुआवजा को लेकर पूर्व में भी प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। किन कारणों से मुआवजा नहीं मिला, इसके बारे में तहसील प्रशासन से जानकारी लेकर पुन: प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है।
विज्ञापन