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पर्यावरण संरक्षण के लिए मिश्रित वन आज की जरूरत: जंगली
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रुद्रप्रयाग। एससीईआरटी के तहत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के डीएलएड प्रशिक्षुओं ने पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली के मिश्रित वन और राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला का भ्रमण कर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई।
44 सदस्यीय दल अकादमिक अभिदर्शन कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में विद्यालय की भूमिका के तहत कोट तल्ला पहुंचा। यहां उत्तराखंड के फॉरेस्ट ब्रांड एंबेसडर पर्यावरणविद् जंगली के मिश्रित वन के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस वन में अलग-अलग जलवायु में पाई जाने वाली वनस्पतियां एक साथ उग रही हैं। यहां कदंब, अमेरिकन पाइन, चाइनीज बांझ, पीला बांस, सागौन, ओक, पान आदि के पेड़-पौधे हैं। साथ ही अन्य कई स्थानीय वनस्पतियां भी मौजूद हैं। इस मौके पर जंगली ने डीएलएड प्रशिक्षुओं को बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए मिश्रित वनों को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग से हो रहे नुकसान व बचाव के बारे में भी बताया। इसके बाद प्रशिक्षुओं का दल राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला पहुंचा। उन्होंने कक्षा 1 से पांचवीं तक के बच्चों के साथ संवाद किया और उन्हें गणित, विज्ञान और सामान्य विषय के बारे में पढ़ाया। विद्यालय में गणित की पढ़ाई के लिए अबेकस का प्रयोग हो रहा है। दल ने स्कूल परिसर में मत्स्य पालन, रिंगाल उत्पादन के बारे में भी जानकारी ली। इस मौके पर प्रधानाध्यापक सत्येंद्र भंडारी ने डीएलएड प्रशिक्षुओं को विद्यालय के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दल में हरिबल्लभ डिमरी, रुचिना पुरी, इंदुकांता, प्रियंका भट्ट, विजय चौधरी, एसएमसी अध्यक्ष डीएस चौधरी, सुखदीप चौहान, भुवनेश्वरी चौधरी, भरत सिंह, बीना देवी, ऊषा चौधरी आदि थे।
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44 सदस्यीय दल अकादमिक अभिदर्शन कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में विद्यालय की भूमिका के तहत कोट तल्ला पहुंचा। यहां उत्तराखंड के फॉरेस्ट ब्रांड एंबेसडर पर्यावरणविद् जंगली के मिश्रित वन के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस वन में अलग-अलग जलवायु में पाई जाने वाली वनस्पतियां एक साथ उग रही हैं। यहां कदंब, अमेरिकन पाइन, चाइनीज बांझ, पीला बांस, सागौन, ओक, पान आदि के पेड़-पौधे हैं। साथ ही अन्य कई स्थानीय वनस्पतियां भी मौजूद हैं। इस मौके पर जंगली ने डीएलएड प्रशिक्षुओं को बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए मिश्रित वनों को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग से हो रहे नुकसान व बचाव के बारे में भी बताया। इसके बाद प्रशिक्षुओं का दल राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला पहुंचा। उन्होंने कक्षा 1 से पांचवीं तक के बच्चों के साथ संवाद किया और उन्हें गणित, विज्ञान और सामान्य विषय के बारे में पढ़ाया। विद्यालय में गणित की पढ़ाई के लिए अबेकस का प्रयोग हो रहा है। दल ने स्कूल परिसर में मत्स्य पालन, रिंगाल उत्पादन के बारे में भी जानकारी ली। इस मौके पर प्रधानाध्यापक सत्येंद्र भंडारी ने डीएलएड प्रशिक्षुओं को विद्यालय के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दल में हरिबल्लभ डिमरी, रुचिना पुरी, इंदुकांता, प्रियंका भट्ट, विजय चौधरी, एसएमसी अध्यक्ष डीएस चौधरी, सुखदीप चौहान, भुवनेश्वरी चौधरी, भरत सिंह, बीना देवी, ऊषा चौधरी आदि थे।
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