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रेत व मिट्टी से बन रही डिग्री कालेज रुद्रप्रयाग के भवन की बुनियाद

Sun, 01 Oct 2017 10:39 PM IST
Updated Sun, 01 Oct 2017 10:39 PM IST
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रेत व मिट्टी से बन रही डिग्री कालेज रुद्रप्रयाग के भवन की बुनियाद
रुद्रप्रयाग। जवाड़ी-भरदार में राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग के निर्माणाधीन भवन के निर्माण में मानकों की जमकर अनदेखी की जा रही है। भू-गर्भीय रिपोर्ट के बिना ही कार्यदायी संस्था एनपीसीसी की ओर से रेत के मैदान में भवन की बुनियाद बनाई जा रही है, जिसमें सरिया, सिमेंट, बजरी और रोड़ी के बजाय मिट्टी, रेत और खड़ा पत्थर का भरान किया जा रहा है। विधायक भरत सिंह चौधरी ने घटिया निर्माण पर रोष जताते हुए ठेकेदार को कार्य बंद करने के निर्देश दिए हैं।
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राजकीय डिग्री कालेज रुद्रप्रयाग के भवन के लिए जवाड़ी में चयनित भूमि का करीब तीन माह पूर्व विशेषज्ञों ने भू-गर्भीय परीक्षण किया था। मिट्टी के सैंपल जांच के लिए आईआईटी रुड़की भेजे गए थे। इधर, दो माह पूर्व उत्तराखंड शासन ने कालेज कैंपस के लिए 2 करोड़ रुपये स्वीकृत कर निर्माण की जिम्मेदारी एनपीसीसी (नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉपरपोरेशन) को सौंपी , लेकिन कार्यदायी संस्था कई ओर से बिना रिपोर्ट के ही रेत के मैदान के ऊपर भवन निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। यहीं नहीं, भवन के लिए जो बुनियाद खोदी गई है, उसमें कंक्रीट, रेत व सिमेंट का इस्तेमाल नामात्र हो रहा है। बल्कि रेत, मिट्टी व सड़े पत्थर से बुनियाद को भरा जा रहा है। बुनियाद से खड़े किए जा रहे कॉलम में भी सरिया का प्रयोग नाममात्र हो रहा है। कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण स्थल पर हाईटेंशन लाइन से चोरी की बिजली से काम किया जा रहा है, जिस पर ऊर्जा निगम ने भी प्रशासन से एनपीसीसी की शिकायत की है। विधायक भरत सिंह चौधरी का कहना है कि एनपीसीसी द्वारा खुलेआम मानकों की अनदेखी और भवन निर्माण के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी की जा रही है। कहा कि अभी तक हुए कार्य की जांच के लिए शासन को सूचित कर प्रोजेक्ट मैनेजर व ठेकेदार को कार्य बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
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तीन माह पूर्व चयनित भूमि का भू-गर्भीय सर्वेक्षण किया गया था, जिसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। बावजूद एनपीसीसी द्वारा कार्य शुरू किया गया। इस संबंध में निदेशालय को अवगत करा दिया गया है।
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-- प्रो. विश्वनाथ खाली, प्राचार्य डिग्री कालेज रुद्रप्रयाग
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