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संदिग्ध परिस्थितियों में पीएसी के हेड कांस्टेबल की मौत
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रुद्रपुर में 31वीं वाहिनी पीएसी में ड्यूटी के दौरान एक हेड कांस्टेबल का स्वास्थ्य खराब हो गया। साथी कर्मचारियों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर फिलहाल हार्ट अटैक को पीएसी कर्मी की मौत का कारण मान रहे हैं। सूचना पर पहुंची सिडकुल चौकी पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मूलरूप से सोमेश्वर (अल्मोड़ा) के रहने वाले हरीश चंद्र बोरा (57) 31वीं वाहिनी पीएसी में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे और शांति विहार कॉलोनी में पत्नी बसंती बोरा और दो बच्चों के साथ रहते थे। बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे हरीश चंद्र घर से ड्यूटी पर आए। इसी दौरान उन्हें चक्कर आया और वह गिरकर बेहोश हो गए। मौके पर मौजूद कर्मचारी हरीश को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां जांच के बाद डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चलेगा। वर्ष 1984 में बतौर सिपाही भर्ती हुई हरीश अपने पीछे पत्नी बसंती, बेटे दीपक और बेटी रुचि को बिलखता छोड़ गए हैं। हरीश की एक बेटी का विवाह भी कुछ समय पूर्व ही हुआ है।
मूलरूप से सोमेश्वर (अल्मोड़ा) के रहने वाले हरीश चंद्र बोरा (57) 31वीं वाहिनी पीएसी में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे और शांति विहार कॉलोनी में पत्नी बसंती बोरा और दो बच्चों के साथ रहते थे। बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे हरीश चंद्र घर से ड्यूटी पर आए। इसी दौरान उन्हें चक्कर आया और वह गिरकर बेहोश हो गए। मौके पर मौजूद कर्मचारी हरीश को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां जांच के बाद डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चलेगा। वर्ष 1984 में बतौर सिपाही भर्ती हुई हरीश अपने पीछे पत्नी बसंती, बेटे दीपक और बेटी रुचि को बिलखता छोड़ गए हैं। हरीश की एक बेटी का विवाह भी कुछ समय पूर्व ही हुआ है।
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