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रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे चौड़ीकरण में हो रहा भारी विस्फोट का उपयोग
Updated Tue, 10 Apr 2018 10:52 PM IST
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रुद्रप्रयाग। ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर चौड़ीकरण के तहत हो रही ब्लास्टिंग से तलसारी गांव में कई आवासीय मकानों पर दरारें आ गई हैं। ग्रामीणों ने डीएम से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया है। उन्होंने मकानों को हो रही क्षति का आकलन कर परियोजना निर्माण के उपरांत मुआवजा दिए जाने की मांग भी की।
डीएम से मिले तलसारी के ग्रामीणों ने बताया कि उनके घर हाईवे से करीब 500 मीटर ऊपर हैं, लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा रात्रि को सड़क चौड़ीकरण के लिए चट्टानों को भारी विस्फोट से तोड़ा जा रहा है, जिससे उनके आवासीय भवन व गौशालाओं में दरारें पड़ रही हैं। ग्रामीण जशोधरानंद सेमवाल, केवलानंद थपलियाल, मनोज सेमवाल, शारदा प्रसाद सेमवाल ने बताया कि एनएच चौड़ीकरण में बीते 27 मार्च से 9 अप्रैल तक देर शाम 7 बजे से रात्रि 8.40 बजे तक कई भयंकर विस्फोट किए गए हैं, जिससे मकानों में काफी देर तक कंपन होने से दीवारों पर दरारें पड़ी हैं। कहा कि अगर, इसी तरह से विस्फोट होते रहे तो कई मकान ढह सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह ऑल वेदर रोड परियोजना का न तो विरोध कर रहे हैं और न कार्य बंद करवाना चाहते हैं, लेकिन हाईवे का कार्य विस्फोट के बजाय मशीनों से किया जाए, जिससे उनकी संपत्ति को नुकसान न हो। इधर, डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या का संज्ञान लेकर एनएच अधिकारियों को राजस्व पुलिस के साथ प्रभावित मकानों के निरीक्षण को कहा गया है। साथ ही चौड़ीकरण कार्य में विस्फोट का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
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डीएम से मिले तलसारी के ग्रामीणों ने बताया कि उनके घर हाईवे से करीब 500 मीटर ऊपर हैं, लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा रात्रि को सड़क चौड़ीकरण के लिए चट्टानों को भारी विस्फोट से तोड़ा जा रहा है, जिससे उनके आवासीय भवन व गौशालाओं में दरारें पड़ रही हैं। ग्रामीण जशोधरानंद सेमवाल, केवलानंद थपलियाल, मनोज सेमवाल, शारदा प्रसाद सेमवाल ने बताया कि एनएच चौड़ीकरण में बीते 27 मार्च से 9 अप्रैल तक देर शाम 7 बजे से रात्रि 8.40 बजे तक कई भयंकर विस्फोट किए गए हैं, जिससे मकानों में काफी देर तक कंपन होने से दीवारों पर दरारें पड़ी हैं। कहा कि अगर, इसी तरह से विस्फोट होते रहे तो कई मकान ढह सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह ऑल वेदर रोड परियोजना का न तो विरोध कर रहे हैं और न कार्य बंद करवाना चाहते हैं, लेकिन हाईवे का कार्य विस्फोट के बजाय मशीनों से किया जाए, जिससे उनकी संपत्ति को नुकसान न हो। इधर, डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या का संज्ञान लेकर एनएच अधिकारियों को राजस्व पुलिस के साथ प्रभावित मकानों के निरीक्षण को कहा गया है। साथ ही चौड़ीकरण कार्य में विस्फोट का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
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