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पर्यटन से जुड़ेंगे प्राचीन मठ-मंदिर
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रुद्रप्रयाग। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने तीर्थाटन को बढ़ावा देने के लिए पंच बदरी, पंच केदार और पंच प्रयाग को पंच सर्किट के तहत तीर्थाटन से जोड़ने की योजना बनाई है।
बदरीनाथ व केदारनाथ यात्रा पर प्रतिवर्ष आने वाले श्रद्धालु प्राचीन मठ-मंदिरों के दर्शन कर सकें। इसके लिए बीकेटीसी ने कवायद शुरू कर दी है। पंच सर्किट योजना का खाका तैयार किया जा रहा है, जिसमें पंच बदरी, पंच केदार और पंच प्रयाग को जोड़ा जाएगा। इसके लिए अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल सभी मंदिरों की जानकारी जुटाने में लगे हैं। मंदिरों की एक-दूसरे से दूरी और उनके प्राचीन पैदल मार्गों का वन विभाग, प्रशासन और हक-हकूकधारियों से पूरी जानकारी मांगी जा रही है। तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के मठापति राम प्रसाद मैठाणी, मुकेश मैठाणी आदि का कहना है कि पंच सर्किट बनने से प्राचीन मठ-मंदिरों को नई पहचान मिलेगी।
पंच सर्किट का मुख्य उद्देश्य बदरीनाथ व केदारनाथ के साथ अन्य प्राचीन मंदिरों व पंच प्रयागों तक श्रद्धालुओं को लाना है। इस व्यवस्था से जहां तीर्थाटन को नई गति मिलेगी, वहीं युवाओं व महिलाओं को भी रोजगार मिलेगा।
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- मोहन प्रसाद थपलियाल, अध्यक्ष श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति
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बदरीनाथ व केदारनाथ यात्रा पर प्रतिवर्ष आने वाले श्रद्धालु प्राचीन मठ-मंदिरों के दर्शन कर सकें। इसके लिए बीकेटीसी ने कवायद शुरू कर दी है। पंच सर्किट योजना का खाका तैयार किया जा रहा है, जिसमें पंच बदरी, पंच केदार और पंच प्रयाग को जोड़ा जाएगा। इसके लिए अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल सभी मंदिरों की जानकारी जुटाने में लगे हैं। मंदिरों की एक-दूसरे से दूरी और उनके प्राचीन पैदल मार्गों का वन विभाग, प्रशासन और हक-हकूकधारियों से पूरी जानकारी मांगी जा रही है। तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के मठापति राम प्रसाद मैठाणी, मुकेश मैठाणी आदि का कहना है कि पंच सर्किट बनने से प्राचीन मठ-मंदिरों को नई पहचान मिलेगी।
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पंच सर्किट का मुख्य उद्देश्य बदरीनाथ व केदारनाथ के साथ अन्य प्राचीन मंदिरों व पंच प्रयागों तक श्रद्धालुओं को लाना है। इस व्यवस्था से जहां तीर्थाटन को नई गति मिलेगी, वहीं युवाओं व महिलाओं को भी रोजगार मिलेगा।
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- मोहन प्रसाद थपलियाल, अध्यक्ष श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति