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धाम में विधि-विधान के साथ मनाया गया अन्नकूट मेला
Updated Mon, 07 Aug 2017 10:33 PM IST
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रुद्रप्रयाग। भगवान आशुतोष के 12 ज्योतिर्लिंगों में 11वें केदारनाथ धाम में रक्षाबंधन के पर्व पर अन्नकूट (भतूज) का मेला विधि-विधान और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इससे पूर्व रविवार रातभर मंदिर के कपाट खुले रहे और भक्तों ने आराध्य के दर्शन किए।
रविवार रात नौ बजे से मंदिर में अन्नकूट मेले की परंपराओं के तहत मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने गर्भगृह में भगवान आशुतोष के स्वयंभू लिंग का भात से श्रृंगार किया। बाबा को भतूज लगाने वालों में तीर्थ पुरोहित समाज के संतोष त्रिवेदी, आशीष त्रिवेदी, रोहित शुक्ला, कमलेश प्रसन्ना, केदार सभा के कुबेरनाथ पोस्ती मौजूद थे। इसके बाद मंदिर के कपाट रातभर के खोल दिए गए। धाम में मौजूद श्रद्धालुओं ने बाबा के श्रृंगार रूप के दर्शन किए। सोमवार तड़के 4 बजे मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने मंदिर के गर्भगृह में बाबा के स्वयंभू लिंग पर किए गए लेपन की सफाई की। इधर, विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में भी भतूज मेला हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
रविवार रात नौ बजे से मंदिर में अन्नकूट मेले की परंपराओं के तहत मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने गर्भगृह में भगवान आशुतोष के स्वयंभू लिंग का भात से श्रृंगार किया। बाबा को भतूज लगाने वालों में तीर्थ पुरोहित समाज के संतोष त्रिवेदी, आशीष त्रिवेदी, रोहित शुक्ला, कमलेश प्रसन्ना, केदार सभा के कुबेरनाथ पोस्ती मौजूद थे। इसके बाद मंदिर के कपाट रातभर के खोल दिए गए। धाम में मौजूद श्रद्धालुओं ने बाबा के श्रृंगार रूप के दर्शन किए। सोमवार तड़के 4 बजे मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने मंदिर के गर्भगृह में बाबा के स्वयंभू लिंग पर किए गए लेपन की सफाई की। इधर, विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में भी भतूज मेला हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
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