रुद्रप्रयाग। बीते दो वर्ष से रुद्रप्रयाग-सणगू-सारी मोटर मार्ग छिनका से आगे भूस्खलन से बंद पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को मीलों सफर तय करना पड़ रहा है।
जून 2013 की आपदा में छिनका के समीप भारी भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। करीब एक वर्ष बाद पीएमजीएसवाई द्वारा प्रभावित हिस्से की मरम्मत कर यातायात बहाल किया गया, लेकिन वर्ष 2016 की बरसात में प्रभावित हिस्सा पुन: व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। तब से मार्ग पर यातायात कोठगी गांव तक ही हो रहा है। ग्रामीणों द्वारा स्वयं के प्रयास से प्रभावित क्षेत्र में करीब दो सौ मीटर अलग एलाइनमेंट पर सड़क भी काटी गई, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो पाया। इससे ग्रामीणों को करीब 45 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। प्रधान बीरेंद्र सिंह नेगी, सविता भंडारी, मनोज कंडारी, शैलेंद्र भंडारी, धीरज सिंह नेगी, नागेंद्र सिंह नेगी, मनोज जग्गी आदि का कहना है कि गांवों में शादी व अन्य आयोजनों में लोगों को ढाई से तीन गुना अधिक भाड़ा देकर सामान घरों तक पहुंचना पड़ रहा है। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने भी मार्ग का स्थलीय निरीक्षण करते हुए विभागीय अधिकारियों को बरसात से पूर्व प्रभावित हिस्से की मरम्मत के निर्देश दिए हैं। इधर, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता आरसी उनियाल ने बताया कि रुद्रप्रयाग-सणगू-सारी मोटर मार्ग पर छिनका के समीप भूस्खलन जोन के स्थायी ट्रीटमेंट के लिए 90 लाख का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया था, जिसे जल्द स्वीकृत मिल जाएगी।