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बच्चों को अनुशासित व संस्कारवान बनाती है मां: शंकरी देवी
Updated Fri, 08 Dec 2017 11:01 PM IST
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गुप्तकाशी। सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित मातृ सम्मेलन में बच्चों को संस्कारवान बनाने पर जोर दिया गया।
विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि शंकरी देवी शुक्ला ने किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला मां होती है। वह नौनिहालों के बेहतर भविष्य और संस्कारवान बनाने का काम करती है। इस मौके पर पुष्पा पुरोहित ने छात्र-छात्राओं को महत्वपूर्ण जानकारियां देते हुए लेख सुधार के लिए भी कहा। अभिभावक दीपा देवी ने शिक्षकों व छात्र-छात्राओं से स्कूली समय में मोबाइल का उपयोग कम से कम करें। रश्मि सेमवाल ने बच्चों को गृह कार्य के साथ पाठ्यक्रम के हिसाब से पठन-पाठन पर जोर दिया। सरस्वती विद्या मंदिर ऊखीमठ के प्रधानाचार्य अजीतपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि विद्या भारती के विद्यालय छात्र-छात्राओं को संस्कारवान बनाने के साथ उनके शैक्षिक, सांस्कृतिक, शारीरिक व आध्यात्मिक विकास पर जोर देता है। प्रधानाचार्य एमएस नेगी ने सभी माताओं से मासिक बैठकों में अनिवार्य रूप से शामिल होने की अपील की। उन्होंने अभिभावकों से अपने पाल्यों की शैक्षिक व अन्य गतिविधियों का समय-समय पर आकलन करने को भी कहा। इस मौके पर जिला संघ चालक पृथ्वीधर शुक्ला, मदन सिंह नेगी, शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य मनोहर खत्री, एपी सेमवाल, पूर्णानंद वशिष्ट समेत अन्य मौजूद थे।
विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि शंकरी देवी शुक्ला ने किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला मां होती है। वह नौनिहालों के बेहतर भविष्य और संस्कारवान बनाने का काम करती है। इस मौके पर पुष्पा पुरोहित ने छात्र-छात्राओं को महत्वपूर्ण जानकारियां देते हुए लेख सुधार के लिए भी कहा। अभिभावक दीपा देवी ने शिक्षकों व छात्र-छात्राओं से स्कूली समय में मोबाइल का उपयोग कम से कम करें। रश्मि सेमवाल ने बच्चों को गृह कार्य के साथ पाठ्यक्रम के हिसाब से पठन-पाठन पर जोर दिया। सरस्वती विद्या मंदिर ऊखीमठ के प्रधानाचार्य अजीतपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि विद्या भारती के विद्यालय छात्र-छात्राओं को संस्कारवान बनाने के साथ उनके शैक्षिक, सांस्कृतिक, शारीरिक व आध्यात्मिक विकास पर जोर देता है। प्रधानाचार्य एमएस नेगी ने सभी माताओं से मासिक बैठकों में अनिवार्य रूप से शामिल होने की अपील की। उन्होंने अभिभावकों से अपने पाल्यों की शैक्षिक व अन्य गतिविधियों का समय-समय पर आकलन करने को भी कहा। इस मौके पर जिला संघ चालक पृथ्वीधर शुक्ला, मदन सिंह नेगी, शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य मनोहर खत्री, एपी सेमवाल, पूर्णानंद वशिष्ट समेत अन्य मौजूद थे।