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Roorkee News: घर लौटे सदस्य तो परिवार ने मनाई ईद
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सूडान में फंसा झबरेडा के खजूरी का परिवार सुरक्षित पहुंच गया घर
सूडान में फंसा खूजरी गांव का परिवार आखिरकार घर पहुंच गया। परिवार के सदस्यों के सकुशल पहुंचने पर परिजनों ने चार दिन बाद ईद मनाई। गांव के लोगों का सदस्यों का हाल जानने के लिए दिनभर तांता लगा रहा।
सूडान में कुछ दिन से वहां की सेना और अर्द्धसैनिक बलों में झड़प चल रही है। वहां गृह युद्ध का माहौल बना हुआ है। सूडान में झबरेड़ा के खजूरी गांव के दो युवा फंसे हुए थे। इसमें जुनैद त्यागी उनकी पत्नी सलमा और ढाई साल की बेटी इनायत के अलावा जुनैद अली शामिल थे। चार दिन पहले भारत और सऊदी अरब की मदद से ये परिवार वहां से पानी के जहाज से रवाना हो गया था। सऊदी अरब और दिल्ली होते हुए शुक्रवार सुबह परिवार सकुशल घर पहुंचा तो परिवार के सदस्य खुशी से झूम उठे।
परिवार के सदस्यों के अनुसार ईद के दिन सूडान में गोलीबाजी हो रही थी। उनका पूरा दिन परिवार की सलामती के लिए दुआओं में निकला। अब परिवार के वापस लौटने पर घर में ईद मनाई गई। वहीं जुनैद त्यागी ने बताया कि जहां वह रह रहे थे वह खारतून क्षेत्र था। वहां चार दिन बराबर वाली बिल्डिंग में गोलीबाजी हुई तो उनकी घर लौटने की उम्मीद टूट गई थी। इसके बाद उनकी बिल्डिंग की भी बिजली गुल हो गई। इससे पानी की सप्लाई ठप हो गई। गोलाबारी बंद होने के बाद उन्होंने स्वयं बिजली का फाल्ट ढूंढकर उसे जोड़ा तो 40 परिवारों के घरों में पानी की सप्लाई शुरू हो पाई। भारतीय नेवी और भारतीय अंबेसी के अथक प्रयासों से वह सूडान से सकुशल बाहर आए। उन्होंने इंडियन नेवी के साथ ही केंद्रीय सरकार का भी आभार व्यक्त किया।
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सबकुछ छोड़कर चल पड़े
जुनैद ने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कि उन्हें तुरंत निकलना है तो उन्हें कुछ सामान उठाने की नहीं सूझी। वह तुरंत परिवार के सदस्यों को लेकर सबकुछ वहीं छोड़कर चल पड़े। उन्होंने बताया कि जिस दिन वह वहां से निकले, उससे अगले दिन उन्हें वेतन मिलने वाला था। उनके पास पैसे भी नहीं थे। रास्ते में इंडियन नेवी ने ही उनके खाने-पीने और कपड़े आदि की व्यवस्था की।
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सूडान में फंसा खूजरी गांव का परिवार आखिरकार घर पहुंच गया। परिवार के सदस्यों के सकुशल पहुंचने पर परिजनों ने चार दिन बाद ईद मनाई। गांव के लोगों का सदस्यों का हाल जानने के लिए दिनभर तांता लगा रहा।
सूडान में कुछ दिन से वहां की सेना और अर्द्धसैनिक बलों में झड़प चल रही है। वहां गृह युद्ध का माहौल बना हुआ है। सूडान में झबरेड़ा के खजूरी गांव के दो युवा फंसे हुए थे। इसमें जुनैद त्यागी उनकी पत्नी सलमा और ढाई साल की बेटी इनायत के अलावा जुनैद अली शामिल थे। चार दिन पहले भारत और सऊदी अरब की मदद से ये परिवार वहां से पानी के जहाज से रवाना हो गया था। सऊदी अरब और दिल्ली होते हुए शुक्रवार सुबह परिवार सकुशल घर पहुंचा तो परिवार के सदस्य खुशी से झूम उठे।
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परिवार के सदस्यों के अनुसार ईद के दिन सूडान में गोलीबाजी हो रही थी। उनका पूरा दिन परिवार की सलामती के लिए दुआओं में निकला। अब परिवार के वापस लौटने पर घर में ईद मनाई गई। वहीं जुनैद त्यागी ने बताया कि जहां वह रह रहे थे वह खारतून क्षेत्र था। वहां चार दिन बराबर वाली बिल्डिंग में गोलीबाजी हुई तो उनकी घर लौटने की उम्मीद टूट गई थी। इसके बाद उनकी बिल्डिंग की भी बिजली गुल हो गई। इससे पानी की सप्लाई ठप हो गई। गोलाबारी बंद होने के बाद उन्होंने स्वयं बिजली का फाल्ट ढूंढकर उसे जोड़ा तो 40 परिवारों के घरों में पानी की सप्लाई शुरू हो पाई। भारतीय नेवी और भारतीय अंबेसी के अथक प्रयासों से वह सूडान से सकुशल बाहर आए। उन्होंने इंडियन नेवी के साथ ही केंद्रीय सरकार का भी आभार व्यक्त किया।
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सबकुछ छोड़कर चल पड़े
जुनैद ने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कि उन्हें तुरंत निकलना है तो उन्हें कुछ सामान उठाने की नहीं सूझी। वह तुरंत परिवार के सदस्यों को लेकर सबकुछ वहीं छोड़कर चल पड़े। उन्होंने बताया कि जिस दिन वह वहां से निकले, उससे अगले दिन उन्हें वेतन मिलने वाला था। उनके पास पैसे भी नहीं थे। रास्ते में इंडियन नेवी ने ही उनके खाने-पीने और कपड़े आदि की व्यवस्था की।