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नोटबंदी के दो महीने बाद भी हालात जस के तस
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Mon, 09 Jan 2017 10:31 PM IST
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नोट बंदी के दो महीने बाद भी शहर से देहात तक नकदी का संकट बरकरार है। अधिकांश बैंकों की शाखाओं में नकदी की कमी बनी हुई है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि रुड़की में एसबीआई की मुख्य शाखा से आज भी उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद दो-दो हजार रुपये मिल रहे हैं। ऐसे में दूरदराज के क्षेत्रों के विभिन्न बैंकों और उनकी शाखाओं में समस्या का अंदाजा लगाया जा सकता है।
आठ नवंबर की आधी रात से हजार और पांच सौ के पुराने नोट बंद कर दिए गए थे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 50 दिन में समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन इसके बाद भी बैंकों में उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बैंकों में नकदी के लिए उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा हैं। इसके बाद भी उन्हें निर्धारित 24 हजार की भी रकम नसीब नहीं हो रही है। आए दिन नकदी के लिए बैंक की शाखाओं में जरूरतमंदों को फजीहत झेलनी पड़ रही है। शहर की एसबीआई मुख्य शाखा में सोमवार को भी उपभोक्ताओं को दो-दो हजार रुपये से संतोष करना पड़ा। इसके लिए भी उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।
एसबीआई मुख्य शाखा से जुड़ी अन्य बैंकों और शाखाओं में समस्या और भी अधिक गंभीर है। यही नहीं मुख्य शाखा और संबंधित शाखाओं में कब तक कैश उपलब्ध हो पाएगा। इसकी भी जानकारी अधिकारियों को नहीं है। इससे आए दिन उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि अपना पैसा जमा होने के बाद भी अधिकारियों के समक्ष गिड़गिड़ाना पड़ रहा है। इसके बावजूद भी उन्हें निर्धारित 24 हजार की राशि नहीं मिल पा रही है। इससे लोगों में रोष पनप रहा है। एसबीआई के मुख्य शाखा प्रबंधक जयशंकर के अनुसार बैंकों को डिमांड के अनुरूप रकम नहीं मिल पा रही है। यही कारण है कि उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आरबीआई से कैश आने के बाद ही उपभोक्ताओं को दिया जा सकेगा।
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आठ नवंबर की आधी रात से हजार और पांच सौ के पुराने नोट बंद कर दिए गए थे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 50 दिन में समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन इसके बाद भी बैंकों में उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बैंकों में नकदी के लिए उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा हैं। इसके बाद भी उन्हें निर्धारित 24 हजार की भी रकम नसीब नहीं हो रही है। आए दिन नकदी के लिए बैंक की शाखाओं में जरूरतमंदों को फजीहत झेलनी पड़ रही है। शहर की एसबीआई मुख्य शाखा में सोमवार को भी उपभोक्ताओं को दो-दो हजार रुपये से संतोष करना पड़ा। इसके लिए भी उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।
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एसबीआई मुख्य शाखा से जुड़ी अन्य बैंकों और शाखाओं में समस्या और भी अधिक गंभीर है। यही नहीं मुख्य शाखा और संबंधित शाखाओं में कब तक कैश उपलब्ध हो पाएगा। इसकी भी जानकारी अधिकारियों को नहीं है। इससे आए दिन उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि अपना पैसा जमा होने के बाद भी अधिकारियों के समक्ष गिड़गिड़ाना पड़ रहा है। इसके बावजूद भी उन्हें निर्धारित 24 हजार की राशि नहीं मिल पा रही है। इससे लोगों में रोष पनप रहा है। एसबीआई के मुख्य शाखा प्रबंधक जयशंकर के अनुसार बैंकों को डिमांड के अनुरूप रकम नहीं मिल पा रही है। यही कारण है कि उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आरबीआई से कैश आने के बाद ही उपभोक्ताओं को दिया जा सकेगा।
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