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राजस्व भुगतान नहीं करने पर दो फैक्टरियां सील
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भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री को सील करती प्रशासनिक टीम।
- फोटो : ROORKEE
राजस्व का भुगतान नहीं करने पर तहसील प्रशासन ने दो फैक्टरियों को सील कर दिया। करीब दो महीने पहले दोनों फैक्टरियों की आरसी जारी हुई थी। दोनों फैक्टरियों पर करीब 72 लाख रुपये का राजस्व बकाया है।
भगवानपुर क्षेत्र स्थित वर्धमान फैक्टरी में सीमेंट की चादरें बनाई जाती हैं। फैक्टरी प्रबंधन ने समय पर सेल टैक्स जमा नहीं किया। इससे फैक्टरी पर सेल टैक्स का करीब 33 लाख रुपये बकाया हो गया था। समय पर रुपये जमा नहीं करने पर सेल टैक्स विभाग ने प्रशासन को जानकारी दी। इसके बाद प्रशासन ने फैक्टरी की आरसी जारी कर राजस्व वसूली के लिए नोटिस जारी कर दिया गया था। वहीं, ट्रेडिंग इंजीनियरिंग इंटरनेशनल फैक्टरी में जनरेटर के पार्ट बनाए जाते हैं। इस फैक्टरी पर भी धीरे-धीरे यहां के श्रमिकों का करीब 39 लाख रुपये वेतन बकाया हो गया था। श्रमिकों ने वेतन नहीं दिए जाने पर कोर्ट की शरण ली थी। मामला कोर्ट में जाने के बाद प्रशासन ने फैक्टरी की आरसी जारी कर दी थी।
साथ ही राजस्व की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया था। दो महीने बाद भी दोनों फैक्टरियों ने पैसा जमा नहीं किया। ऐसे में सोमवार को प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार यशपाल सिंह राणा और संग्रह अमीन सोमदत्त फैक्टरी पहुंचे। इस दौरान फैक्टरी में काम चल रहा था। उन्होंने दोनों फैक्टरियों को सील कर दिया। साथ ही कर्मचारियों को फैक्टरी से बाहर निकलने के निर्देश दिए। नायब तहसीलदार यशपाल सिंह राणा का कहना है कि राजस्व नहीं देने पर दोनों फैक्टरियां सील की गई हैं। मौके पर सुंदरलाल, राजबीर सिंह, मोहम्मद इकराम मौजूद रहे।
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भगवानपुर क्षेत्र स्थित वर्धमान फैक्टरी में सीमेंट की चादरें बनाई जाती हैं। फैक्टरी प्रबंधन ने समय पर सेल टैक्स जमा नहीं किया। इससे फैक्टरी पर सेल टैक्स का करीब 33 लाख रुपये बकाया हो गया था। समय पर रुपये जमा नहीं करने पर सेल टैक्स विभाग ने प्रशासन को जानकारी दी। इसके बाद प्रशासन ने फैक्टरी की आरसी जारी कर राजस्व वसूली के लिए नोटिस जारी कर दिया गया था। वहीं, ट्रेडिंग इंजीनियरिंग इंटरनेशनल फैक्टरी में जनरेटर के पार्ट बनाए जाते हैं। इस फैक्टरी पर भी धीरे-धीरे यहां के श्रमिकों का करीब 39 लाख रुपये वेतन बकाया हो गया था। श्रमिकों ने वेतन नहीं दिए जाने पर कोर्ट की शरण ली थी। मामला कोर्ट में जाने के बाद प्रशासन ने फैक्टरी की आरसी जारी कर दी थी।
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साथ ही राजस्व की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया था। दो महीने बाद भी दोनों फैक्टरियों ने पैसा जमा नहीं किया। ऐसे में सोमवार को प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार यशपाल सिंह राणा और संग्रह अमीन सोमदत्त फैक्टरी पहुंचे। इस दौरान फैक्टरी में काम चल रहा था। उन्होंने दोनों फैक्टरियों को सील कर दिया। साथ ही कर्मचारियों को फैक्टरी से बाहर निकलने के निर्देश दिए। नायब तहसीलदार यशपाल सिंह राणा का कहना है कि राजस्व नहीं देने पर दोनों फैक्टरियां सील की गई हैं। मौके पर सुंदरलाल, राजबीर सिंह, मोहम्मद इकराम मौजूद रहे।
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