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ट्रैफिक सुधार में कप्तान हो गए फेल?
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
Updated Wed, 26 Apr 2017 10:46 PM IST
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यातायात सुधार के लिए एसएसपी की ओर से किए गए दावे हवाई साबित हुए हैं। सिविल लाइंस कोतवाली में बैठक के दौरान एक माह की डेटलाइन बीतने के बावजूद नतीजा सिफर रहा है। इससे पहले एसएसपी ने बैठक के दौरान अगले दिन से अतिक्रमण हटाने और एक माह में यातायात सुधार का भरोसा दिलाया था। साथ ही निर्धारित समय में परिणाम नहीं दिखने पर अपना फेल्योर बताया था।
शहर में यातायात की समस्या नासूर बनती जा रही है। स्थिति यह है कि हाईवे से लेकर शहर के मुख्य बाजार तक जाम की समस्या आम हो चुकी है। यही कारण है कि 25 मार्च को एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने सिविल लाइंस कोतवाली में जनता दरबार लगाया था, जिसमें व्यापारियों से लेकर आमजन ने शहर में अतिक्रमण और जाम की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। साथ ही बंद पड़ी ट्रैफिक लाइटों को सुचारु करवाने की मांग उठाई थी। इस पर एसएसपी ने अगले दिन से ही अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने और एक माह में यातायात सुधार का भरोसा दिलाया था, लेकिन निर्धारित डेट लाइन के बाद भी नतीजा ढाक के तीन पात है। आज भी समस्या जस की तस बनी हुई है। न तो शहर में कहीं से अतिक्रमण हट सका और न ही यातायात सुधार के लिए कोई ठोस प्रयास किया गया। एक माह बीतने के बाद जब एसएसपी कृष्ण कुमार वीके को बैठक में दिए गए आश्वासन और डेट लाइन की याद दिलाई गई तो उन्होंने काम नहीं हो पाने की बात स्वीकार की। साथ ही एकबार फिर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
विधायक ने 15 दिन का दिया था समय
शहर में बेपटरी हुई यातायात व्यवस्था का कारण हाईवे पर खुदी सड़क भी है, जिसे दुरुस्त करने के लिए नगर विधायक प्रदीप बत्रा ने एडीबी को 15 दिन का समय दिया था, लेकिन दस दिन बाद भी कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। इस संबंध में जब नगर विधायक प्रदीप बत्रा से जानकारी ली गई तो उनका कहना है कि 15 मई तक का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद भी सड़क दुरुस्त नहीं होने पर आवश्यकता पड़ी तो धरना दिया जाएगा।
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मेन बाजार जीरो जोन पर भी अमल नहीं
नगर विधायक के संग पुलिस और निगम अधिकारियों की बैठक में मुख्य बाजार को जीरो जोन बनाने पर सहमति बनी थी। अधिकारियों की ओर से बाजारों का निरीक्षण कर अगले दिन से इस पर अमल भी बात कही गई थी, लेकिन आज भी मुख्य बाजारों में धड़ल्ले से दिनभर भारी वाहन दौड़ रहे हैं, जिससे आमजन को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। बाजारों में मार्ग पर सजी दुकानें और अतिक्रमण भी जाम का सबब बन रही हैं।
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शहर में यातायात की समस्या नासूर बनती जा रही है। स्थिति यह है कि हाईवे से लेकर शहर के मुख्य बाजार तक जाम की समस्या आम हो चुकी है। यही कारण है कि 25 मार्च को एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने सिविल लाइंस कोतवाली में जनता दरबार लगाया था, जिसमें व्यापारियों से लेकर आमजन ने शहर में अतिक्रमण और जाम की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। साथ ही बंद पड़ी ट्रैफिक लाइटों को सुचारु करवाने की मांग उठाई थी। इस पर एसएसपी ने अगले दिन से ही अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने और एक माह में यातायात सुधार का भरोसा दिलाया था, लेकिन निर्धारित डेट लाइन के बाद भी नतीजा ढाक के तीन पात है। आज भी समस्या जस की तस बनी हुई है। न तो शहर में कहीं से अतिक्रमण हट सका और न ही यातायात सुधार के लिए कोई ठोस प्रयास किया गया। एक माह बीतने के बाद जब एसएसपी कृष्ण कुमार वीके को बैठक में दिए गए आश्वासन और डेट लाइन की याद दिलाई गई तो उन्होंने काम नहीं हो पाने की बात स्वीकार की। साथ ही एकबार फिर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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विधायक ने 15 दिन का दिया था समय
शहर में बेपटरी हुई यातायात व्यवस्था का कारण हाईवे पर खुदी सड़क भी है, जिसे दुरुस्त करने के लिए नगर विधायक प्रदीप बत्रा ने एडीबी को 15 दिन का समय दिया था, लेकिन दस दिन बाद भी कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। इस संबंध में जब नगर विधायक प्रदीप बत्रा से जानकारी ली गई तो उनका कहना है कि 15 मई तक का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद भी सड़क दुरुस्त नहीं होने पर आवश्यकता पड़ी तो धरना दिया जाएगा।
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मेन बाजार जीरो जोन पर भी अमल नहीं
नगर विधायक के संग पुलिस और निगम अधिकारियों की बैठक में मुख्य बाजार को जीरो जोन बनाने पर सहमति बनी थी। अधिकारियों की ओर से बाजारों का निरीक्षण कर अगले दिन से इस पर अमल भी बात कही गई थी, लेकिन आज भी मुख्य बाजारों में धड़ल्ले से दिनभर भारी वाहन दौड़ रहे हैं, जिससे आमजन को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। बाजारों में मार्ग पर सजी दुकानें और अतिक्रमण भी जाम का सबब बन रही हैं।