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बीएसएनल के एक्सचेंज में लगी आज, 50 हजार फोन बने शोपीस
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रुड़की स्थित बीएसएनएल कार्यालय में लगी आग के बाद जला पड़ा सामान।
- फोटो : ROORKEE
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कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई के बीच शुक्रवार देर रात आग लगने से बीएसएनएल का मलकपुर चुंगी स्थित टेलीफोन एक्सचेंज जलकर राख हो गया। इससे शहर से देहात तक बीएसएनएल के 50 हजार मोबाइल, 2500 लैंडलाइन व ब्राडबैंड कनेक्शन दूसरे दिन भी ठप रहे। वहीं, आग से एक करोड़ रुपये की मशीनें और अन्य सामान जलने की आशंका जताई जा रही है। उम्मीद है कि मोबाइल सेवा तो जल्द बहाल कर ली, लेकिन लैंडलाइन और ब्राडबैंड सेवा सुचारु होने में 15 से 20 दिन लग सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक, बीएसएनएल के टेलीफोन एक्सचेंज के अंडरग्राउंड केबल में तेज वोल्टेज आने से शाम करीब सात बजे भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही बीएसएनएल अधिकारी मौके की ओर दौड़ पड़े। साथ ही सूचना फायर बिग्रेड को भी दी गई। फायर स्टेशन रुड़की के एफएसओ देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि 7.20 बजे बीएसएनएल कर्मी अरविंद कुमार ने पहुंचकर सूचना दी कि टेलीफोन एक्सचेंज में आग लग गई है। इसके तुरंत बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी भेजी गई, लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि दूसरी गाड़ी भी रवाना कर दी गई। करीब दो घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक पूरा एक्सचेंज जलकर राख चुका था।
सारी मशीनें जलने से रात में बीएसएनएल के 50 हजार मोबाइल ठप हो गए। इसके अलावा 1500 लैंडलाइन कनेक्शन और ब्राडबैंड भी ठप हो गए। आग लगने से शहर के साथ-साथ देहात क्षेत्र के लक्सर, भगवानपुर, झबरेड़ा, नारसन, मंगलौर में भी बीएसएनएल के लैंडलाइन और मोबाइल फोन ठप पड़ गए। बीएसएनएल के मंडल इंजीनियर विवेक कुमार ने बताया कि आगजनी में बीएसएनएल को 60 लाख से एक करोड़ तक का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया तक मोबाइल सेवाओं को सुचारु करने का प्रयास जारी है। देर शाम तक मोबाइल सेवा सुचारु होने की उम्मीद है जबकि ब्राडबैंड-लैंडलाइन कनेक्शन ठीक होने में 15 से 20 दिन का समय लग सकता है। आग बुझाने वाली टीम में हेड कांस्टेबल अतर सिंह, राकेश त्यागी, भजन सिंह, शकील अहमद, नरेंद्र सिंह, अजब सिंह, प्रमोद, कपिल, सुरेंद्र और हरीश शामिल थे।
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अधिकारियों से नहीं हो पाया संपर्क
बीएसएनएल एक्सचेंज में आग लगने से पुलिस अधिकारियों के बीएसएनएल के सीयूजी नंबर और अन्य अधिकारियों के फोन नहीं लगे। लोगों ने अधिकारियों के दूसरे निजी कंपनियों के नंबर पर संपर्क साधा। तब लोगों की समस्या का समाधान हो पाया।
कहीं लापरवाही तो नहीं
करीब छह महीने पहले आवास विकास स्थित बीएसएनएल के टेलीफोन एक्सचेंज में अंडर ग्राउंड करंट के कारण कनेक्शन के पेयरों का पोस्ट जलकर राख हो गया था। इससे आवास विकास एक्सचेंज से जुड़े करीब 80 कनेक्शन बंद हो गए थे, जो कई दिनों बाद ठीक हो पाए थे, लेकिन इसके बाद भी अधिकारी सतर्क नहीं हुए।
एक जनवरी से लड़खड़ा रही व्यवस्था
बीएसएनएल रुड़की से एक साथ 34 कर्मचारियों के रिटायर्ड होने के बाद बीएसएनएल की सेवाएं पटरी पर नहीं आ रही हैं। करीब एक सप्ताह से व्यवस्था ठीक हुई थी। अब एक्सचेंज फुंकने से करीब एक माह तक लैंडलाइन कनेक्शन की घंटी बजनी मुश्किल लग रही है।
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जानकारी के मुताबिक, बीएसएनएल के टेलीफोन एक्सचेंज के अंडरग्राउंड केबल में तेज वोल्टेज आने से शाम करीब सात बजे भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही बीएसएनएल अधिकारी मौके की ओर दौड़ पड़े। साथ ही सूचना फायर बिग्रेड को भी दी गई। फायर स्टेशन रुड़की के एफएसओ देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि 7.20 बजे बीएसएनएल कर्मी अरविंद कुमार ने पहुंचकर सूचना दी कि टेलीफोन एक्सचेंज में आग लग गई है। इसके तुरंत बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी भेजी गई, लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि दूसरी गाड़ी भी रवाना कर दी गई। करीब दो घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक पूरा एक्सचेंज जलकर राख चुका था।
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सारी मशीनें जलने से रात में बीएसएनएल के 50 हजार मोबाइल ठप हो गए। इसके अलावा 1500 लैंडलाइन कनेक्शन और ब्राडबैंड भी ठप हो गए। आग लगने से शहर के साथ-साथ देहात क्षेत्र के लक्सर, भगवानपुर, झबरेड़ा, नारसन, मंगलौर में भी बीएसएनएल के लैंडलाइन और मोबाइल फोन ठप पड़ गए। बीएसएनएल के मंडल इंजीनियर विवेक कुमार ने बताया कि आगजनी में बीएसएनएल को 60 लाख से एक करोड़ तक का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया तक मोबाइल सेवाओं को सुचारु करने का प्रयास जारी है। देर शाम तक मोबाइल सेवा सुचारु होने की उम्मीद है जबकि ब्राडबैंड-लैंडलाइन कनेक्शन ठीक होने में 15 से 20 दिन का समय लग सकता है। आग बुझाने वाली टीम में हेड कांस्टेबल अतर सिंह, राकेश त्यागी, भजन सिंह, शकील अहमद, नरेंद्र सिंह, अजब सिंह, प्रमोद, कपिल, सुरेंद्र और हरीश शामिल थे।
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अधिकारियों से नहीं हो पाया संपर्क
बीएसएनएल एक्सचेंज में आग लगने से पुलिस अधिकारियों के बीएसएनएल के सीयूजी नंबर और अन्य अधिकारियों के फोन नहीं लगे। लोगों ने अधिकारियों के दूसरे निजी कंपनियों के नंबर पर संपर्क साधा। तब लोगों की समस्या का समाधान हो पाया।
कहीं लापरवाही तो नहीं
करीब छह महीने पहले आवास विकास स्थित बीएसएनएल के टेलीफोन एक्सचेंज में अंडर ग्राउंड करंट के कारण कनेक्शन के पेयरों का पोस्ट जलकर राख हो गया था। इससे आवास विकास एक्सचेंज से जुड़े करीब 80 कनेक्शन बंद हो गए थे, जो कई दिनों बाद ठीक हो पाए थे, लेकिन इसके बाद भी अधिकारी सतर्क नहीं हुए।
एक जनवरी से लड़खड़ा रही व्यवस्था
बीएसएनएल रुड़की से एक साथ 34 कर्मचारियों के रिटायर्ड होने के बाद बीएसएनएल की सेवाएं पटरी पर नहीं आ रही हैं। करीब एक सप्ताह से व्यवस्था ठीक हुई थी। अब एक्सचेंज फुंकने से करीब एक माह तक लैंडलाइन कनेक्शन की घंटी बजनी मुश्किल लग रही है।