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अंतर्राष्ट्रीय ई-कांफ्रेंस में राजनीति में सोशल इंजीनियरिंग पर रखे विचार
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रुड़की। राजकीय महाविद्यालय मरगूबपुर, रुड़की में राजीनीतिक विभाग की ओर से सोशल इंजीनियरिंग एवं कॅरियर के अवसर विषय पर अंतरराष्ट्रीय ई-कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें राजनीति में हो रहे सोशल इंजीनियरिंग के प्रयोग पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो. सत्यपाल सिंह ने मां सरस्वती, महात्मा गांधी और डा. आंबेडकर की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर एवं पर पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद डा. सविता पांडेय ने मंगलाचरण का उद्बोधन किया। इस मौके पर प्राचार्य प्रो. सिंह ने आशा व्यक्त की कि वक्ताओं के ज्ञान से छात्र और प्राध्यापक लाभान्वित होंगे। उन्होंने समतामूलक समाज की स्थापना करने की अपील करते हुए कहा कि हम सभी का यह संकल्प है कि इस महाविद्यालय को पिछड़ा नहीं रहने देंगे। इस दौरान दिल्ली से डा. रविंद्रनाथ तिवारी ने जीआईएस तकनीक के जरिए सामाजिक संरचना को समझाने का प्रयास किया। नर्सिंग कॉलेज मार्कवेट विश्वविद्यालय, यूएसए (अमेरिका) डॉ. महाराज सिंह ने सोशल इंजीनियरिंग मूवमेंट को राजनीति, धर्म, संस्कृति, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, फेसबुक के माध्यम से बताया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर से प्रो. गोपाल प्रसाद ने बसपा संस्थापक काशीराम सोशल इंजीनियरिंग के बारे में जानकारी दी। डॉ. राजेश पालीवाल ने उत्तर भारत की राजनीति में सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से हुए बदलावों पर प्रकाश डाला। डॉ. राकेश राणा ने सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से राजनीति में नवाचार की बात कही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गिरिराज सिंह ने किया। इस मौके पर प्राध्यापक डा. शेफाली शुक्ला, डॉ. मुकेशगुप्ता, डॉ. मंजू अग्रवाल, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. प्रवेश त्रिपाठी, महीपाल रावत, पूनम और अब्दुल रहमान आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो. सत्यपाल सिंह ने मां सरस्वती, महात्मा गांधी और डा. आंबेडकर की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर एवं पर पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद डा. सविता पांडेय ने मंगलाचरण का उद्बोधन किया। इस मौके पर प्राचार्य प्रो. सिंह ने आशा व्यक्त की कि वक्ताओं के ज्ञान से छात्र और प्राध्यापक लाभान्वित होंगे। उन्होंने समतामूलक समाज की स्थापना करने की अपील करते हुए कहा कि हम सभी का यह संकल्प है कि इस महाविद्यालय को पिछड़ा नहीं रहने देंगे। इस दौरान दिल्ली से डा. रविंद्रनाथ तिवारी ने जीआईएस तकनीक के जरिए सामाजिक संरचना को समझाने का प्रयास किया। नर्सिंग कॉलेज मार्कवेट विश्वविद्यालय, यूएसए (अमेरिका) डॉ. महाराज सिंह ने सोशल इंजीनियरिंग मूवमेंट को राजनीति, धर्म, संस्कृति, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, फेसबुक के माध्यम से बताया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर से प्रो. गोपाल प्रसाद ने बसपा संस्थापक काशीराम सोशल इंजीनियरिंग के बारे में जानकारी दी। डॉ. राजेश पालीवाल ने उत्तर भारत की राजनीति में सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से हुए बदलावों पर प्रकाश डाला। डॉ. राकेश राणा ने सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से राजनीति में नवाचार की बात कही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गिरिराज सिंह ने किया। इस मौके पर प्राध्यापक डा. शेफाली शुक्ला, डॉ. मुकेशगुप्ता, डॉ. मंजू अग्रवाल, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. प्रवेश त्रिपाठी, महीपाल रावत, पूनम और अब्दुल रहमान आदि मौजूद रहे।
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