उत्तराखंडः कोरोना अनलॉक में गंगनहर के घाट बने मयखाने, सरेआम छलक रहे जाम
पिछले 15 दिनों में हरकी पैड़ी के पास गंगा घाटों पर सामने आईं तीन-चार घटनाओं ने धर्मनगरी के लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाल ही में हरिद्वार की हरकी पैड़ी पर नशे में हुड़दंग मचाने और हुक्का पीने की घटनाओं के बाद भी स्थानीय पुलिस कुंभकरण की नींद सोई है और यहां भी गंगनहर के घाटों पर लोग खुलेआम नशे का सेवन कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन फिर भी कार्रवाई के नाम पर पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
पिछले 15 दिनों में हरकी पैड़ी के पास गंगा घाटों पर सामने आईं तीन-चार घटनाओं ने धर्मनगरी के लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाया है। हुड़दंग मचाने की घटना के बाद हरकी पैड़ी पर हुक्का पीते देख लोगों का पारा इतना चढ़ा कि उन्होंने युवकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
इन घटनाओं ने हरिद्वार पुलिस की खूब फजीहत कराई। इसी तरह रुड़की में भी खुलेआम नशे के सेवन का ट्रेंड जोरों पर है। नशा करने का सबसे बड़ा अड्डा है गंगनहर किनारे बने घाट। रात ही नहीं बल्कि दिन के उजाले में ही गंगनहर के घाट मयखाने बन जाते हैं।
महिलाओं व युवतियों के साथ छेड़खानी करते हैं नशा करने वाले
नशा करने वाले घाटों पर बैठकर पुलिस से बेखौफ होकर हुड़दंग मचाने से लेकर महिलाओं व युवतियों के साथ छेड़खानी करते हैं। कई बार शिकायत पुलिस के पास भी पहुंची है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई मात्र गश्त करने तक सिमटकर रह जाती है। नशा करने वालों पर पुलिस का चाबुक नहीं चलता है।
ये हैं नशे के प्रमुख अड्डे
आसफ नगर झाल, मोहम्मदपुर झाल, रेलवे ब्रिज, नीला पुल, नया पुल, नगर निगम पुल, सोलानी पार्क, सोलानी नदी पुल, दोनों गंगनहर पटरी के बीच बनी पटरी, मेहवड़ पुल।
सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों के खिलाफ पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई ऐसी जगहों पर नशा करता पकड़ा जाता है तो पुलिस उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
-प्रमेंद्र डोबाल, एसपी देहात