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गजब! मौत के बाद बुजुर्ग को लगाई वैक्सीन
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स्वास्थ्य विभाग ने सात महीने पहले मर चुकी बुजुर्ग महिला को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगा दी। जबकि, एक ऐसे व्यक्ति को कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट थमा दी, जिसने टेस्ट ही नहीं कराया था। ये सुनने में भले ही अजीब हो, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के लिए ये कोई नया काम नहीं है। कर्मचारियों की लापरवाही के चलते इस तरह के अजीबोगरीब मामले सामने आ रहे हैं।
दो दिन पहले कलियर निवासी एक युवक के मोबाइल पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से मैसेज आया। इसमें उनकी मां को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगने की जानकारी दी गई थी। मैसेज में बाकायदा उनकी मां का नाम, पता और आयु लिखी हुई थी। मैसेज देखकर युवक सकपका गया, क्योंकि सात महीने पहले उसकी मां का निधन हो चुका है। उन्होंने मामले की जानकारी अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर दी। वहां उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि गलती से मैसेज आ गया होगा। इसके अलावा छह दिन पहले ही कलियर निवासी इरशाद को स्वास्थ्य विभाग की ओर से आए मैसेज में कोरोना संक्रमित बताया गया था। साथ ही उन्हें होम क्वारंटीन होकर निर्देशों का पालन करने को कहा गया।
जबकि, इरशाद का कहना है कि उन्होंने सैंपल ही नहीं दिया था। इसी तरह, लक्सर क्षेत्र के पुरवाला गांव निवासी नवदीप ने बताया कि 27 अगस्त 2021 को उनको कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगी थी। दूसरी डोज नवंबर में लगनी थी, लेकिन तबीयत खराब होने के कारण उन्होंने दूसरी डोज नहीं लगवाई थी। अब उनके मोबाइल पर दूसरी डोज लग जाने का मैसेज आया है। अब जब वे दूसरी डोज लगवाने पहुंचे तो मना कर दिया गया। अब वे दूसरी डोज लगवाने के लिए परेशान हैं। वहीं, सिविल अस्पताल के सीएमसएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि मैसेज तकनीकी खराबी के चलते चला गया होगा। मामले की जांच कराई जाएगी।
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दो दिन पहले कलियर निवासी एक युवक के मोबाइल पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से मैसेज आया। इसमें उनकी मां को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगने की जानकारी दी गई थी। मैसेज में बाकायदा उनकी मां का नाम, पता और आयु लिखी हुई थी। मैसेज देखकर युवक सकपका गया, क्योंकि सात महीने पहले उसकी मां का निधन हो चुका है। उन्होंने मामले की जानकारी अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर दी। वहां उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि गलती से मैसेज आ गया होगा। इसके अलावा छह दिन पहले ही कलियर निवासी इरशाद को स्वास्थ्य विभाग की ओर से आए मैसेज में कोरोना संक्रमित बताया गया था। साथ ही उन्हें होम क्वारंटीन होकर निर्देशों का पालन करने को कहा गया।
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जबकि, इरशाद का कहना है कि उन्होंने सैंपल ही नहीं दिया था। इसी तरह, लक्सर क्षेत्र के पुरवाला गांव निवासी नवदीप ने बताया कि 27 अगस्त 2021 को उनको कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगी थी। दूसरी डोज नवंबर में लगनी थी, लेकिन तबीयत खराब होने के कारण उन्होंने दूसरी डोज नहीं लगवाई थी। अब उनके मोबाइल पर दूसरी डोज लग जाने का मैसेज आया है। अब जब वे दूसरी डोज लगवाने पहुंचे तो मना कर दिया गया। अब वे दूसरी डोज लगवाने के लिए परेशान हैं। वहीं, सिविल अस्पताल के सीएमसएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि मैसेज तकनीकी खराबी के चलते चला गया होगा। मामले की जांच कराई जाएगी।
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