{"_id":"5eef97158ebc3e43263565b6","slug":"the-doors-of-temples-open-after-two-o-clock-roorkee-news-drn3477565179","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोपहर सवा दो बजे के बाद खुले मंदिरों के कपाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोपहर सवा दो बजे के बाद खुले मंदिरों के कपाट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुड़की। सूर्यग्रहण खत्म होनेे के बाद दोपहर सवा दो बजे मंदिरों के कपाट खोले गए। इस दौरान मंदिर में मूर्तियों को स्नान कराने और भोग लगाने के बाद पूजा पाठ किया गया। उसके बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर पूूजा अर्चना की।
रविवार को सूर्यग्रहण होने के कारण शनिवार रात को साढ़े आठ बजे शहर और आसपास के मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए थे। सुबह सूर्यग्रहण शुरू होने पर लोगों ने अपने घरों में ही महामृत्युंजय जाप, शिव स्त्रोत, शिव चालीसा, गायत्री मंत्र का पाठ किया। सोलानीपुरम स्थित सोलानी कुंज स्थित शिव मंदिर के पुजारी भगवती प्रसाद चमोली ने बताया कि दोपहर सवा दो बजे मंदिर के कपाट खोले गए। वहीं दुर्गामंदिर के कपाट भी दोपहर सवा दो बजे खोले गए। पंडित जेपी पैन्यूली ने मूर्तियों को स्नान कराने के बाद मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना की गई। शहर अन्य मंदिरों के कपाट भी सवा दो बजे खोले गए। सूर्यग्रहण के दौरान बाजारों में भीड़ नहीं थी।
विज्ञापन
रविवार को सूर्यग्रहण होने के कारण शनिवार रात को साढ़े आठ बजे शहर और आसपास के मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए थे। सुबह सूर्यग्रहण शुरू होने पर लोगों ने अपने घरों में ही महामृत्युंजय जाप, शिव स्त्रोत, शिव चालीसा, गायत्री मंत्र का पाठ किया। सोलानीपुरम स्थित सोलानी कुंज स्थित शिव मंदिर के पुजारी भगवती प्रसाद चमोली ने बताया कि दोपहर सवा दो बजे मंदिर के कपाट खोले गए। वहीं दुर्गामंदिर के कपाट भी दोपहर सवा दो बजे खोले गए। पंडित जेपी पैन्यूली ने मूर्तियों को स्नान कराने के बाद मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना की गई। शहर अन्य मंदिरों के कपाट भी सवा दो बजे खोले गए। सूर्यग्रहण के दौरान बाजारों में भीड़ नहीं थी।
विज्ञापन