{"_id":"69567a77fd2dd4e18d0f77ec","slug":"the-deadline-for-the-pradhan-mantri-awas-yojana-rural-survey-has-been-extended-roorkee-news-c-5-1-drn1027-869270-2026-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सर्वे की समय-सीमा बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सर्वे की समय-सीमा बढ़ी
विज्ञापन
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास प्लस-2024 सर्वे में शामिल ग्रामीण परिवारों के के लिए विभिन्न प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए समय-सीमा को 14 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। गए प्रकरणों की जांच और सर्वे के दौरान चिह्नित अपात्र परिवारों के नाम सूची से हटाने का कार्य 14 जनवरी तक किया जा सकेगा।
राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी (पीएमएवाई-जी) एवं संयुक्त निदेशक की ओर से इस संबंध में सभी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों और जिला ग्राम्य विकास अभिकरणों को निर्देश जारी किए गए हैं। भारत सरकार की ओर से जारी पत्र के माध्यम से कहा गया है कि गाइडलाइंस और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा।
विभागीय निर्देशों के अनुसार, आवास 2024 सूची में शामिल परिवारों का सर्वे, सत्यापन और आपत्तियों का निस्तारण 30 दिसंबर 2025 तक किया जाना निर्धारित था। विभिन्न जनपदों में तकनीकी कारणों, स्व-सर्वे में आई त्रुटियों और सिस्टम में फ्लैग हुए मामलों के कारण कई प्रकरण लंबित रह गए थे। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए शासन ने समय-सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सर्वे के दौरान जिन परिवारों को अपात्र पाया गया है उनके नाम आवास 2024 की सूची से हटाने की प्रक्रिया को भी तय समय में पूरा किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग ने सभी विकासखंडों और जनपदों को दिशा-निर्देश दिए हैं कि आवास 2024 से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
समय-सीमा बढ़ाए जाने से उन ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जिनके आवास आवेदन सत्यापन, स्व-सर्वे या तकनीकी कारणों से अटके हुए थे। अब निर्धारित अवधि में सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण कर पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्के मकान का लाभ मिल सकेगा।
विज्ञापन
राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी (पीएमएवाई-जी) एवं संयुक्त निदेशक की ओर से इस संबंध में सभी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों और जिला ग्राम्य विकास अभिकरणों को निर्देश जारी किए गए हैं। भारत सरकार की ओर से जारी पत्र के माध्यम से कहा गया है कि गाइडलाइंस और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा।
विज्ञापन
विभागीय निर्देशों के अनुसार, आवास 2024 सूची में शामिल परिवारों का सर्वे, सत्यापन और आपत्तियों का निस्तारण 30 दिसंबर 2025 तक किया जाना निर्धारित था। विभिन्न जनपदों में तकनीकी कारणों, स्व-सर्वे में आई त्रुटियों और सिस्टम में फ्लैग हुए मामलों के कारण कई प्रकरण लंबित रह गए थे। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए शासन ने समय-सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सर्वे के दौरान जिन परिवारों को अपात्र पाया गया है उनके नाम आवास 2024 की सूची से हटाने की प्रक्रिया को भी तय समय में पूरा किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग ने सभी विकासखंडों और जनपदों को दिशा-निर्देश दिए हैं कि आवास 2024 से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
समय-सीमा बढ़ाए जाने से उन ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जिनके आवास आवेदन सत्यापन, स्व-सर्वे या तकनीकी कारणों से अटके हुए थे। अब निर्धारित अवधि में सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण कर पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्के मकान का लाभ मिल सकेगा।