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सिविल अस्पताल को पार करनी है अभी कई चुनौतियां

Fri, 01 Apr 2022 08:09 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2022 08:09 PM IST
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The challenges in front of the civil hospital are immense
कायाकल्प अवार्ड मिलने के बाद सिविल अस्पताल के स्टाफ में खुशी का माहौल है लेकिन चुनौतियां अब भी हैं। अस्पताल में भले ही स्वास्थ्य सेवाएं और साफ-सफाई दुरुस्त हो लेकिन डॉक्टरों के साथ ही स्टाफ नर्स व फार्मेसिस्टों का अभाव है।
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रुड़की सिविल असताल पर आसपास के कई क्षेत्रों के मरीज निर्भर रहते हैं। यहां रुड़की शहर के अलावा, भगवानपुर, मंगलौर, झबरेड़ा, नारसन, इमलीखेड़ा, कलियर के मरीज इलाज करवाने पहुंचते हैं। यहां पहुंचने वाले मरीजों को इलाज के साथ ही राहत भी मिलती है। यही कारण है कि सिविल अस्पताल को अब तक तीन बार अपनी बेहतर सुविधाओं और साफ-सफाई को लेकर कई कायाकल्प योजना के तहत अवार्ड भी मिल चुका है। तीसरा अवार्ड दो दिन पहले ही सिविल अस्पताल को मिला है। कायाकल्प योजना के तहत अवार्ड लेने में अस्पताल हैट्रिक तक लगा चुका है। ऐसा भी नहीं है कि इस अवार्ड के बाद अस्पताल की जिम्मेदारियां मरीजों के प्रति खत्म हो जाती है। अब अस्पताल प्रशासन की मरीजों को लेकर चुनौतियां और बढ़ जाती है। भले ही सुविधाओं और साफ-सफाई में अस्पताल नंबर वन हो लेकिन यहां आज भी डॉक्टरों के साथ ही स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वॉय की कमी है। अस्पताल में फिजिशियन, ईएनटी, मनोचिकित्सक, चर्म रोग और हड्डी रोग विशेषज्ञ की बेहद जरूरत है। वहीं अस्पताल में फार्मेसिस्ट के आठ पद हैंजिसमें से केवल एक ही तैनात है। स्टाफ नर्स के भी अस्पताल में तीन पद खाली हैं। इसके अलावा वार्ड ब्वाय के पद खाली चल रहे हैं।
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सीटी स्कैन मशीन पड़ी है खबरा
सिविल अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए सीटी स्कैन मशीन करीब 10 स साल पहले आई थी। पांच साल तक मशीन को इस्तेमाल नहीं किया गया। इसके बाद मशीन को शुरू किया गया। करीब ढाई साल से सीटी स्कैन मशीन की सर्विस नहीं हुई। बिना सर्विस के मशीन में खराबी आनी शुरू हो गई है। इस कारण मशीन ने काम करना बंद कर दिया। अब करीब छह महीने से मशीन खराब है। अधिकारियों का कहना है कि मशीन को ठीक कराने के लिए डीजी हेल्थ कार्यालय को पत्र भेजा गया है।
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अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं तो अमूमन पूरी हैं लेकिन स्टाफ की बेहद जरूरत है। डॉक्टरों के साथ ही स्टाफ नर्स और फार्मेसिस्ट के लिए लगातार मुख्यालय से संपर्क किया जा रहा है। प्रयास किया जाएगा कि जल्द से जल्द स्टाफ की पूर्ति की जाए।
-डॉ संजय कंसल, सीएमएस, सिविल अस्पताल रुड़की
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