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बेकार हो गईं करोड़ों की दवाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Fri, 18 Mar 2016 12:00 AM IST
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मानव शरीर पर प्रतिकूल असर के मद्देनजर इन फिक्स डोज कांबिनेशन ड्रग्स को बैन किया गया है।
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केन्द्र सरकार की ओर से करीब साढ़े तीन सौ दवाइयों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने से मेडिकइससे करोड़ों की दवाएं बेकार हो गई हैं। हालांकि रुड़की केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एल स्टोर स्वामियों की परेशानियां बढ़ गईं हैं। सोसिएशन के अनुसार अभी केंद्र के आदेश पर कोर्ट से स्टे मिला है, जिसकी सुनवाई 21 मार्च को होनी है। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। इनमें कई दवाइयां ओटीसी श्रेणी में आती हैं।
केन्द्र सरकार ने शनिवार को मिक्स डोज कॉबिनेशन वाली करीब 350 दवाइयों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन दवाइयों को अब मेडिकल स्टोर पर बेचा नहीं जा सकेगा। प्रतिबंध लगाने के पीछे स्वास्थ्य मंत्रालय का तर्क यह है कि दो या अधिक दवाइयों को मिलाकर तैयार की गई दवाई स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है।
सरकार के निर्णय के बाद खासी जुकाम से लेकर डायबिटीज तक कई-कई दवाइयां अब रोगियों को उपलब्ध नहीं हो सकेगी। चिकित्सकों को भी इन दवाइयों के विकल्प तलाश करने होंगे। प्रतिबंध से सबसे ज्यादा दिक्कतें मेडिकल स्टोर वालों को हो रही है। मेडिकल स्टोर पर मौजूद प्रतिबंधित दवाइयों के स्टॉक का क्या होगा, यह परेशानी उन्हें सता रही है। मेडिकल स्टोर स्वामी नितिन गोयल का कहना है कि प्रतिबंध को लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश के अभाव में दिक्कतें आ रही हैं। बेहतर होता कि प्रतिबंधित दवाइयों के स्टाक को निकालने के लिए समय दिया जाता। ओटीसी या ओवर द कांउटर श्रेणी की दवाइयों को लेकर लोगो को भी दिक्कतें आने वाली है। इन दवाइयों को खरीदने के लिए किसी चिकित्सक के पर्चे की जरूरत नहीं होती है। मेडिकल स्टोर स्वामी शकील अहमद का कहना है कि बहुत सी दवाइयां ऐसी हैं जो लंबे समय से बेची जा रही हैं। लोग इन्हें बिना पर्चे के ही खरीदने आतें हैं।
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इस संबंध में रुड़की केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महासचिव अवनीश शर्मा का कहना है कि केंद्र के निर्देश से रुड़की आसपास क्षेत्रों में ही करोड़ों की दवाएं बेकार हो जाएंगी। इस संबंध में दवा कंपनियों की याचिका पर कोर्ट ने स्टे दिया हुआ है, जिसकी सुनवाई 21 मार्च को होनी है। इससे पहले 19 मार्च को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के संग मीटिंग कर वर्तमान स्थिति पर चरचा की जाएगी।
ये है कुछ लोकप्रिय प्रतिबंधित कफ सीरप
कोरेक्स , फैंसीडिल, एसकोरिल, टोरेक्स, डी कोल्ड , बेनाड्रिल, जीडेक्स, कोस्कोपीन, ग्लाइकोडिन। इसके अलावा क्रोसिन कोल्ड एंड फ्लू, डीकोल्ड टोटल, नीमसुलाइड, सुमो, आदि पर भी प्रतिबंध लगा हैं।
क्या कहतें हैं अधिकारी
ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार का कहना है कि 347 दवाइयों को प्रतिबंधित किया गया हैं। दस मार्च के बाद इनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है। मेडिकल स्टोर वालों को प्रतिबंधित दवाइयां वापस या नष्ट करनी चाहिए।
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केन्द्र सरकार ने शनिवार को मिक्स डोज कॉबिनेशन वाली करीब 350 दवाइयों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन दवाइयों को अब मेडिकल स्टोर पर बेचा नहीं जा सकेगा। प्रतिबंध लगाने के पीछे स्वास्थ्य मंत्रालय का तर्क यह है कि दो या अधिक दवाइयों को मिलाकर तैयार की गई दवाई स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है।
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सरकार के निर्णय के बाद खासी जुकाम से लेकर डायबिटीज तक कई-कई दवाइयां अब रोगियों को उपलब्ध नहीं हो सकेगी। चिकित्सकों को भी इन दवाइयों के विकल्प तलाश करने होंगे। प्रतिबंध से सबसे ज्यादा दिक्कतें मेडिकल स्टोर वालों को हो रही है। मेडिकल स्टोर पर मौजूद प्रतिबंधित दवाइयों के स्टॉक का क्या होगा, यह परेशानी उन्हें सता रही है। मेडिकल स्टोर स्वामी नितिन गोयल का कहना है कि प्रतिबंध को लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश के अभाव में दिक्कतें आ रही हैं। बेहतर होता कि प्रतिबंधित दवाइयों के स्टाक को निकालने के लिए समय दिया जाता। ओटीसी या ओवर द कांउटर श्रेणी की दवाइयों को लेकर लोगो को भी दिक्कतें आने वाली है। इन दवाइयों को खरीदने के लिए किसी चिकित्सक के पर्चे की जरूरत नहीं होती है। मेडिकल स्टोर स्वामी शकील अहमद का कहना है कि बहुत सी दवाइयां ऐसी हैं जो लंबे समय से बेची जा रही हैं। लोग इन्हें बिना पर्चे के ही खरीदने आतें हैं।
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इस संबंध में रुड़की केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महासचिव अवनीश शर्मा का कहना है कि केंद्र के निर्देश से रुड़की आसपास क्षेत्रों में ही करोड़ों की दवाएं बेकार हो जाएंगी। इस संबंध में दवा कंपनियों की याचिका पर कोर्ट ने स्टे दिया हुआ है, जिसकी सुनवाई 21 मार्च को होनी है। इससे पहले 19 मार्च को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के संग मीटिंग कर वर्तमान स्थिति पर चरचा की जाएगी।
ये है कुछ लोकप्रिय प्रतिबंधित कफ सीरप
कोरेक्स , फैंसीडिल, एसकोरिल, टोरेक्स, डी कोल्ड , बेनाड्रिल, जीडेक्स, कोस्कोपीन, ग्लाइकोडिन। इसके अलावा क्रोसिन कोल्ड एंड फ्लू, डीकोल्ड टोटल, नीमसुलाइड, सुमो, आदि पर भी प्रतिबंध लगा हैं।
क्या कहतें हैं अधिकारी
ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार का कहना है कि 347 दवाइयों को प्रतिबंधित किया गया हैं। दस मार्च के बाद इनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है। मेडिकल स्टोर वालों को प्रतिबंधित दवाइयां वापस या नष्ट करनी चाहिए।