लखीमपुर खीरी केस: 20 अक्तूबर को नारसन बॉर्डर से निकलेगी शहीद किसानों की अस्थि कलश यात्रा
दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन से जुड़े संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा शनिवार को लखीमपुर खीरी से शहीद किसानों और पत्रकार की अस्थियां लेकर नारसन पहुंचे थे।
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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में शहीद हुए चार किसानों और एक पत्रकार की अस्थियां मंगलौर गुड़ मंडी स्थित शहीद स्थल पर रखी गईं हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 20 अक्तूबर को नारसन बॉर्डर से खुली जीप में जिलेभर में अस्थि कलश यात्रा निकाली जाएगी। 23 अक्तूबर को हरिद्वार के वीआईपी घाट पर अस्थियों का विसर्जन किया जाएगा।
दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन से जुड़े संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा शनिवार को लखीमपुर खीरी से शहीद किसानों और पत्रकार की अस्थियां लेकर नारसन पहुंचे थे। यहां उन्होंने विभिन्न किसान संगठनों के साथ बैठक की थी। इसमें क्षेत्र से भाकियू (टिकैत) के मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी ने हिस्सा लिया था। इस दौरान बाजवा ने विभिन्न जिलों के किसानों को अस्थियां दी थीं। संजय चौधरी ने अस्थियां लाकर मंगलौर गुड़ मंडी स्थित शहीद स्थल पर रख दी हैं।
जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने बताया कि पूरे देश में शहीद किसानों की अस्थि कलश यात्रा निकाले जाने के क्रम में 20 अक्तूबर को नारसन बॉर्डर पर कई गाड़ियों के काफिले के साथ खुली जीप में जिलेभर में यात्रा निकलेगी। भगवानपुर, खानपुर, झबरेड़ा आदि क्षेत्रों में अस्थि कलश यात्रा निकालने के बाद शाम को अस्थियां वापस शहीद स्थल पर रखी जाएंगी। 21 अक्तूबर को बहादराबाद और आसपास के क्षेत्रों में यात्रा निकाले जाने के बाद शाम को दीनारपुर स्थित गुरुद्वारे में अस्थियां रखी जाएंगी। 23 अक्तूबर को विधि-विधान से हरिद्वार के वीआईपी घाट पर अस्थियों विसर्जन किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों के किसान मौजूद रहेंगे।
भाकियू की रेल रोको घोषणा पर जीआरपी सतर्क
लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की ओर से सोमवार को रेल रोको आंदोलन की घोषणा के बाद पुलिस के साथ जीआरपी भी सतर्क हो गई है। जीआरपी ने लंढौरा रेलवे स्टेशन पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन और लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के विरोध में भाकियू (टिकैत) ने 18 अक्तूबर को ट्रेनें रोकने की घोषणा की थी। भाकियू पदाधिकारियों की ओर से रेल रोको आंदोलन को सफल बनाने के लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है। इसे लेकर पुलिस के साथ ही जीआरपी भी अलर्ट हो गई है। जीआरपी एसओ प्रदीप राठौर ने बताया कि ट्रेनें रोके जाने की घोषणा के चलते सोमवार सुबह से ही स्टेशन पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। सुबह दस से शाम चार बजे तक होने वाले आंदोलन के तहत इस अवधि में लंढौरा रेलवे स्टेशन से होकर गुजरने वाली करीब 30 ट्रेनों का आवागमन बाधित हो सकता है। इस दौरान मुसाफिरों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लंढौरा रेलवे स्टेशन अधीक्षक सीएल मीणा ने बताया कि रेल रोको आंदोलन से अहमदाबाद मेल, शताब्दी एक्सप्रेस देहरादून, गंगानगर, कोलकाता-अमृतसर, देहरादून-बांद्रा, हरिद्वार-गंगानगर, हरिद्वार-अमृतसर शताब्दी, उज्जैन-इंदौर-देहरादून, लक्सर पैसेंजर, लखनऊ-चंडीगढ़, जयनगर-अमृतसर, रामनगर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस समेत कई माल गाड़ियां प्रभावित रहेंगी। वहीं, भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर लंढौरा रेलवे स्टेशन पर आज सुबह दस बजे से शाम चार तक रेल संचालन बंद रखा जाएगा।