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टीचर न बच्चे, स्कूल पर हो गया कब्जा
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:28 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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खानपुर। बादशाहपुर गांव का राजकीय जूनियर हाईस्कूल अपनी स्थापना के छह वर्ष बाद भी अध्यापक की तैनाती की बाट जेाह रहा है। शिक्षक नहीं होेने से यहां बच्चों के प्रवेश भी नहीं हुए। ऐसे में विद्यालय के खाली भवन पर एक ग्रामीण ने कब्जा जरूर कर लिया।
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खानपुर विकास खंड के बादशाहपुर गांव की आबादी करीब साढ़े तीन हजार होगी। गांव मे राजकीय प्राथमिक विद्यालय के बगल में ही राजकीय जूनियर हाईस्कूल के भवन के बनने के छह साल बाद भी यहां अध्यापक की तैनाती नही हो पाई है। ऐसे में इस स्कूल में एक भी बच्चे ने प्रवेश नहीं लिया। गांव के बच्चों को कक्षा पांच उत्तीर्ण कर आगे की पढ़ाई के लिए तीन किलोमीटर दूर ब्लाक मुख्यालय खानपुर स्थित स्कूलों में जाना पड़ता है। वहीं विद्यालय के भवन पर गांव के ही एक व्यक्ति ने कब्जा भी कर लिया है।
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ग्रामीणों का कहना है
गांव में जूनियर स्कूल होने के बावजूद के बच्चों को जंगल के रास्ते तीन किलोमीटर दूर ब्लाक मुख्यालय स्थित स्कूल में जाकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। किसी बच्चे के साथ कोई अनहोनी हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। - रविंद्र सिंह
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सरकार ने विद्यालय भवन बनाने मे लाखों रुपये खर्च कर दिए, लेकिन विभागीय अधिकरियों की सुस्ती के चलते अध्यापक की तैनाती नहीं हो पाई है। ऐसा विद्यालय भला किस काम का है।-अजीत सिंह।
गांव मे सभी खेतीबाड़ी करने वाले ग्रामीण रहते हैं। बच्चों को ब्लाक मुख्यालय स्थित विद्यालय छोड़कर आना और फिर वहां से छुटटी के बाद लाना संभव नही हो पाता है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।- संदीप कुमार।
विद्यालय में अध्यापक की तैनाती के लिय खंड शिक्षाधिकारी से लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक अनुरोध किया जा चुका है। बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं हो रही है। -कंवल सिंह
अधिकारी कहते हैं
जूनियर स्कूलों में सीधी भर्ती बंद है। प्राइमरी के शिक्षकों को प्रोन्नत कर जूनियर में भेजा जाता है। प्रोन्नत करके शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन किसी ने ज्वाइन नहीं किया। उपशिक्षा अधिकारी को वहां व्यवस्था पर किसी को भेजना चाहिए था। स्कूल भवन पर किसी ने कब्जा किया है तो भी उपशिक्षा अधिकारी को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी चाहिए थी। हम इस बारे में उन्हें पत्र लिखेंगे। बहुत जल्दी स्कूल का मौका मुआयना कर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -रामेंद्र कुशवाहा, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक।