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दूतावास से संकेत मिलते ही दागुने में खरीदा एयट टिकट और लौटे अपने देश

Thu, 24 Feb 2022 11:14 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 11:14 PM IST
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Signs received from the embassy ... returned home after buying tickets at double the price
इसे खुशकिस्मती कहें या फिर यूक्रेन में फंसे कलियर निवासी शम्मी सिद्दीकी की समय रहते दोगुनी कीमत में एयर टिकट खरीदने का निर्णय, जिसकी बदौलत आज वे सकुशल अपने घर हैं। अब वह यूक्रेन में फंसे अपने दोस्तों की सलामती के लिए साबिर पाक से दुआ मांग रहे हैं। दिलोदिमाग में छाया युद्ध का डर अब उन्हें परेशान कर रहा है।
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हजारों भारतीय छात्रों की तरह ही पिरान कलियर के महमूदपुर निवासी शम्मी सिद्दीकी भी यूक्रेन की राजधानी कीव में रहकर एमबीबीएस के अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे। तीन दिन पहले ही अपने घर पहुंचे शम्मी ने बताया कि यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने जिस समय युद्ध के संकेत दिए और एडवाजरी जारी की कि अपने वतन पहुंचने की तैयारी करो, उसी समय उन्होंने एयर टिकट बुक करने की कोशिश शुरू कर दी थी, लेकिन बुकिंग बार-बार कैंसिल हो रही थी। पर, वे लगातार प्रयास में लगे रहे। आखिरकार करीब 70 हजार रुपये की दोगुनी कीमत में टिकट बुक होने का अवसर उन्होंने नहीं गंवाया और टिकट बुक कर फ्लाइट से भारत लौट आए।
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उन्होंने बताया कि उनके कुछ दोस्त ऑफलाइन क्लास को लेकर असमंजस में थे, लेकिन अब वहां कर्फ्यू जैसे हालात हो गए हैं और फ्लाइट भी बंद हो गई हैं। ऐसे में अब उन्हें अपने दोस्तों की फिक्र सता रही है। उनके लिए वे साबिर पाक से दुआ कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि वे चाहते हैं कि जो छात्र यूक्रेन में फंसे हैं, उनके लिए भारत सरकार प्रयास करे और सीज फायर के जरिये विमान से उन्हें वापस लाया जाए। उधर, रुड़की के ढंढेरा निवासी विवेक राठौर भी यूक्रेन में फंसे में हैं। बताया गया है कि करीब नौ माह पहले ही विवेक यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए पहुंचे थे। विवेक के परिजन उसकी वापसी के लिए परेशान हैं।
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साइबर हमले के बाद से मिलने लगे थे युद्ध के संकेत
शम्मी ने बताया कि यूक्रेन में जब साइबर अटैक हुआ था तो बैंक ट्रांजेक्शन आदि नहीं हो पा रही थी। उसी समय संकेत मिलने लगे थे कि हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं। तभी से यूक्रेन से निकलने के लिए रास्ते तलाशने शुरू किए जाने लगे थे।
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