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शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन को सात टीमें गठित
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रुड़की। कोर्ट के आदेश पर जमा कराए गए शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए सात टीमें गठित की गई हैं। शनिवार से मुख्य शिक्षाधिकारी कार्यालय हरिद्वार में सत्यापन का काम शुरू हो जाएगा, जो कि 21 अक्तूबर तक किया जाना है।
पिछले दिनों कोर्ट में फर्जी व अमान्य प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों को लेकर दाचिका दायर की गई थी। इसके बाद कोर्ट ने हरिद्वार जनपद के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन के आदेश दिए थे। फिर शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों को जमा कराया था। चर्चाएं हैं शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के जमा होने पर कुछ शिक्षकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई थी। अभी तक जनपद हरिद्वार में एसआईटी की जांच में करीब तीन दर्जन फर्जी शिक्षक निकल चुके हैं। इसके बाद अब इस संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि अन्य कई शिक्षक फर्जी साबित हो सकते हैं। शुक्रवार को मुख्य शिक्षाधिकारी डॉ. आनंद भारद्वाज ने सात टीमों का गठन किया है। सत्यापन का कार्य 17 अक्तूबर से 21 अक्तूबर तक किया जाना है क्योंकि इसके बाद 22 अक्तूबर को सत्यापन की रिपोर्ट कोर्ट में जमा करनी है। सभी टीमों को ब्लॉकवार सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है।
शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन को लेकर सात टीमें गठित की गई हैं। सत्यापन का काम 21 अक्तूबर तक पूरा किया जाना है। इसके बाद कोर्ट में सत्यापन की रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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-डॉ आनंद भारद्वाज, मुख्य शिक्षाधिकारी, हरिद्वार
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पिछले दिनों कोर्ट में फर्जी व अमान्य प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों को लेकर दाचिका दायर की गई थी। इसके बाद कोर्ट ने हरिद्वार जनपद के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन के आदेश दिए थे। फिर शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों को जमा कराया था। चर्चाएं हैं शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के जमा होने पर कुछ शिक्षकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई थी। अभी तक जनपद हरिद्वार में एसआईटी की जांच में करीब तीन दर्जन फर्जी शिक्षक निकल चुके हैं। इसके बाद अब इस संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि अन्य कई शिक्षक फर्जी साबित हो सकते हैं। शुक्रवार को मुख्य शिक्षाधिकारी डॉ. आनंद भारद्वाज ने सात टीमों का गठन किया है। सत्यापन का कार्य 17 अक्तूबर से 21 अक्तूबर तक किया जाना है क्योंकि इसके बाद 22 अक्तूबर को सत्यापन की रिपोर्ट कोर्ट में जमा करनी है। सभी टीमों को ब्लॉकवार सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है।
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शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन को लेकर सात टीमें गठित की गई हैं। सत्यापन का काम 21 अक्तूबर तक पूरा किया जाना है। इसके बाद कोर्ट में सत्यापन की रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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-डॉ आनंद भारद्वाज, मुख्य शिक्षाधिकारी, हरिद्वार